अयोध्या (उत्तर प्रदेश)। संसद भवन परिसर में विपक्षी नेताओं द्वारा संत का छद्म वेश (नकली वेशभूषा) धारण कर प्रदर्शन किए जाने के मामले ने अब तूल पकड़ लिया है. श्री राम नगरी अयोध्या के साधु-संतों ने इसे सनातन धर्म और पूज्य संत परंपरा का सीधा अपमान बताते हुए जोरदार विरोध प्रदर्शन किया.
संतों ने आक्रोश व्यक्त करते हुए निर्दलीय सांसद पप्पू यादव, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, अयोध्या के स्थानीय सांसद अवधेश प्रसाद तथा समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के खिलाफ आपराधिक मुकदमा (FIR) दर्ज करने की पुरजोर मांग की है.
सड़कों पर उतरे अयोध्या के संत!
संसद परिसर में संत वेष धारण कर “सनातन आस्था का मजाक” उड़ाने वाले सांसदों-
पप्पू यादव,
खड़गे
राहुल गांधी
अवधेश प्रसाद
अखिलेश यादवके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने की मांग।
संतों ने साफ कहा —
ये छद्म वेष में किया गया आघात बर्दाश्त नहीं होगा। pic.twitter.com/J0MKbJrock
— Shivam Dixit (@ShivamdixitInd) August 1, 2026
अयोध्या के प्रमुख महंतों के नेतृत्व में उतरा संत समाज
धर्मनगरी अयोध्या में आयोजित इस विरोध प्रदर्शन में बड़ी संख्या में विभिन्न आश्रमों व पीठों के पूज्य महंत और धर्मावलंबी उपस्थित रहे. संतों ने एक स्वर में कहा कि राजनीतिक लाभ और सस्ती लोकप्रियता पाने के लिए पवित्र संत वेश का नाटक करना और सनातन आस्था का मजाक उड़ाना बेहद निंदनीय है.
प्रदर्शन में शामिल प्रमुख संत एवं महंत:
- महंत कमल नयन दास जी महाराज
- महंत राजकुमार दास जी महाराज
- महंत गौरी शंकर दास जी महाराज
- महंत परशुराम दास जी महाराज
- महंत कमला दास जी महाराज
- अनेक आश्रमों के धर्माचार्य व भक्तगण.
पुलिस क्षेत्राधिकारी को सौंपा ज्ञापन, कड़ी कार्रवाई की मांग
विरोध प्रदर्शन के उपरांत संतों के प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी के प्रतिनिधि के रूप में पहुंचे पुलिस क्षेत्राधिकारी (CO) को एक प्रशासनिक ज्ञापन सौंपा.
“पवित्र भगवा और संत वेश कोई राजनीतिक नाटक का जरिया नहीं है। सनातन संस्कृति पर आघात करने और संतों की भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाले नेताओं पर तत्काल कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए। यदि ऐसे कृत्य नहीं रुके तो संत समाज देशव्यापी आंदोलन करने को बाध्य होगा।” – अयोध्या संत समाज
संतों ने चेतावनी दी है कि यदि संतान धार्मिक प्रतीकों का अनादर करने वाले विपक्षी सांसदों के विरुद्ध जल्द कानूनी कदम नहीं उठाए गए, तो अयोध्या से शुरू हुआ यह आक्रोश पूरे देश में फैलेगा.











