नई दिल्ली। भारत ने विश्व समुदाय से पाकिस्तान अधिक्रांत जम्मू-कश्मीर (पीओजेके) में पाकिस्तान की गतिविधियों की जांच करने और वहां किए जा रहे अत्याचारों के लिए उसे जवाबदेह ठहराए जाने की अपील की है।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने पत्रकार वार्ता में कहा कि मीडिया जगत को भी पता है कि कैसे पाकिस्तानी प्रशासन पीओजेके में शांतिपूर्ण नागरिकों के खिलाफ बेरहमी से बल प्रयोग कर रहा है। इस कार्रवाई में 40 से ज़्यादा नागरिकों की मौत हुई है और कई लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं।
उन्होंने कहा कि पाकिस्तान प्रशासन की वहां के निर्दोष लोगों के प्रति बेरुखी तब सामने आई जब उनके रक्षा मंत्री ने विरोध कर रहे नागरिकों को दुश्मन करार दिया। उन्होंने कहा, “इसके अलावा, राजनीतिक मामलों में प्रधानमंत्री के विशेष सहायक ने खुले तौर पर माना कि जिन ‘मुजाहिदीन’ को पाक प्रशासन ने भारत को नुकसान पहुंचाने के लिए प्रशिक्षित किया, हथियार दिए और भेजा था, उन्होंने अब अपनी बंदूकें देश की ओर ही मोड़ ली हैं और वे राज्य के खिलाफ ही हथियार उठा रहे हैं।”
रणधीर जायसवाल ने हिंसक शासन का सामना कर रहे लोगों ने अंतरराष्ट्रीय संगठनों से गैरकानूनी हत्याओं की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
पाकिस्तानी सेना कर रही कार्रवाई
पाकिस्तान के अवैध कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर में संयुक्त अवामी एक्शन कमेटी के नेतृत्व में जुलाई 2026 के अंत में होने वाले विवादित क्षेत्रीय चुनावों के खिलाफ आर्थिक शिकायतों और राजनीतिक मांगों को लेकर विरोध प्रदर्शन तेज हो गए हैं। पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई की है जिसमें 40 से अधिक नागरिक मारे गए।

















