
बैठक के मंच पर विराजमान भामस के वरिष्ठ अधिकारी
भारतीय मजदूर संघ (भामस) ने घोषणा की है कि 17 अगस्त को पूरे देश के जिला मुख्यालयों पर श्रमिकों से जुड़े लंबित मुद्दों को लेकर प्रदर्शन किया जाएगा। यह निर्णय झारखंड की राजधानी रांची स्थित सरला बिरला विश्वविद्यालय परिसर में 26—28 जुलाई तक आयोजित भामस की 161वीं केंद्रीय कार्य समिति की बैठक में लिया गया। बैठक की अध्यक्षता भामस के अखिल भारतीय अध्यक्ष एस. मल्लेशम ने की। बैठक में महासचिव सुरेंद्र कुमार पांडे, संगठन सचिव बी. सुरेंद्रन, पूर्व अखिल भारतीय अध्यक्ष सी.के. साजी नारायणन और हिरणमय पांड्या सहित कई वरिष्ठ अधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित थे।
भामस द्वारा उठाई गई प्रमुख मांगों में से एक पंचदिवसीय बैंकिंग सप्ताह का कार्यान्वयन है, जो बैंक कर्मचारियों और अधिकारियों के संगठनों द्वारा लगातार उठाया जा रहा एक लंबित मुद्दा है। बैंक ऑफ इंडिया ऑफिसर्स ऑर्गनाइजेशन (बीओआईओओ) के महासचिव डॉ. रामावतार सैनी ने भामस के राष्ट्रव्यापी विरोध प्रदर्शन का समर्थन करते हुए कहा है,”पंचदिवसीय बैंकिंग सप्ताह अब कोई विशेषाधिकार नहीं, बल्कि एक आवश्यकता है।
बढ़ते कार्यभार और विस्तारित कार्य घंटों के बावजूद बैंक कर्मचारियों ने लगातार उत्कृष्ट सेवा प्रदान की है। बीओआईओओ बिना किसी देरी के पंचदिवसीय बैंकिंग सप्ताह को लागू करने का आग्रह करता है। बेहतर कार्य-जीवन संतुलन का अर्थ है एक मजबूत और अधिक कुशल बैंकिंग प्रणाली।” निम्नलिखित मांगों को लेकर राष्ट्रव्यापी विरोध प्रदर्शन आयोजित किया जाएगा— ईएसआईसी की वेतन सीमा को 21,000 रु. से बढ़ाकर 42,000 रु. किया जाए।
न्यूनतम ईपीएफ पेंशन को 1,000 रु.से बढ़ाकर 7,500 रु.प्रति माह किया जाए। ईपीएफ की वेतन सीमा को 15,000 रु से बढ़ाकर 30,000 रु किया जाए। बोनस की गणना की अधिकतम सीमा को 7,000 रु से बढ़ाकर 18,000 रु किया जाए। बोनस पात्रता वेतन सीमा को 21,000 रु से बढ़ाकर 42,000 रु कर जाए। योजना कार्यकर्ताओं के मानदेय में वृद्धि करें।
संविदा श्रमिकों के लिए समान कार्य के लिए समान वेतन सुनिश्चित करें। श्रम संहिता में श्रमिक विरोधी प्रावधानों को हटाएं। पांच दिवसीय बैंकिंग सप्ताह लागू करें। ग्रेच्युटी की अधिकतम सीमा को 20 लाख रु से बढ़ाकर 40 लाख रु किया जाए। न्यूनतम वेतन 30,000 रु निर्धारित करें।