लखनऊ। उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने गुरुवार काे कहा कि दिल्ली में 1984 में तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या के बाद सिख विरोधी दंगों में करीब तीन हजार व समूचे देश में दस हजार से ज्यादा बेक़सूर सिख भाई-बहन मारे गए थे। हत्या व दंगा-फ़साद को उकसाने में कांग्रेस के कई दिग्गज नेता ‘गांधी परिवार की छतरी’ के नीचे काम करते थे। कुछ को उम्र कैद की सज़ा हुई और तबके कई के मामले अभी भी अदालत की चौखट पर हैं।
उप मुख्यमंत्री ने गुरूवार को अपने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा कि हत्याओं को जायज़ ठहराने के लिए प्रधानमंत्री बनते ही राजीव गांधी ने मासूमियत से हत्यारों का बचाव करते हुए कहा था, “जब बड़ा पेड़ गिरता है, तब धरती हिलती है।” मतलब साफ था, तब प्रधानमंत्री राजीव गांधी कांग्रेसी दंगाइयों को बचा रहे थे।
केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि बिना ज्ञान के विशेषज्ञ राहुल गांधी को सबकुछ पता है, बस यही नहीं पता कि वे लोकसभा में विपक्ष के नेता भी हैं। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह को लेकर उन्होंने जो अनर्गल बयान दिया है, उससे उनकी पांच दफ़ा की सांसदी की कलई खुल गई है। उनको प्रशासन का ‘क, ख, ग’ नहीं आता। दरअसल, गांधी परिवार के निशाने पर केंद्रीय गृहमंत्री इसलिए भी रहते हैं कि उनकी ‘रणनीतिक चकरी’ का कोई तोड़ आज पूरी कांग्रेस के पास नहीं है। उनकी रणनीतिक बिसात पर गांधी परिवार बार-बार ढेर हो जाता है। इसलिए राहुल गांधी आए दिन अनर्गल प्रलाप करते रहते हैं।
















