
EPFO
नौकरी करने वाले ज्यादातर लोग हर महीने अपने EPF (एम्प्लॉइज प्रोविडेंट फंड) खाते में पैसा जमा करते हैं, ताकि भविष्य में जरूरत पड़ने पर यह रकम उनके और उनके परिवार के काम आ सके। लेकिन कई बार लोग शादी के बाद अपने जरूरी दस्तावेज तो अपडेट करा लेते हैं, लेकिन EPF नॉमिनेशन बदलना भूल जाते हैं। यह छोटी-सी लापरवाही भविष्य में परिवार के लिए बड़ी परेशानी बन सकती है। इसलिए अगर आपकी शादी हो चुकी है और आपका EPF अकाउंट है, तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है।
EPFO के नियमों के अनुसार, शादी से पहले किया गया EPF नॉमिनेशन शादी के बाद अपने आप अमान्य हो जाता है। ऐसे में हर कर्मचारी को शादी के बाद नया नॉमिनेशन भरना जरूरी होता है। अगर ऐसा नहीं किया जाता, तो भविष्य में पीएफ, पेंशन और इंश्योरेंस की राशि का दावा करने में परिवार को मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है।
कई लोगों को लगता है कि शादी के बाद सिर्फ पति या पत्नी को ही नॉमिनी बनाया जा सकता है, लेकिन ऐसा नहीं है। कर्मचारी अपने परिवार के पात्र सदस्यों, जैसे पति, पत्नी, बच्चों या नियमों के अनुसार अन्य योग्य सदस्यों को भी नॉमिनी बना सकता है। जरूरत पड़ने पर एक से अधिक लोगों के नाम भी जोड़े जा सकते हैं और उनकी हिस्सेदारी भी तय की जा सकती है।
यह नॉमिनेशन केवल पीएफ की जमा राशि के लिए ही नहीं, बल्कि कर्मचारी पेंशन योजना (EPS) और कर्मचारी जमा लिंक्ड बीमा योजना (EDLI) के लाभों पर भी लागू होता है। EDLI योजना के तहत कर्मचारी के निधन पर परिवार को 7 लाख रुपये तक का बीमा लाभ मिल सकता है। ऐसे में नॉमिनेशन अपडेट होना बेहद जरूरी है।
अच्छी बात यह है कि ई-नॉमिनेशन की प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन है। कर्मचारी EPFO के यूनिफाइड मेंबर पोर्टल पर UAN और पासवर्ड से लॉगिन करके “Manage” सेक्शन में जाकर ई-नॉमिनेशन अपडेट कर सकता है। आधार से जुड़े मोबाइल नंबर पर आए OTP से वेरिफिकेशन के बाद प्रक्रिया पूरी हो जाती है और इसके लिए नियोक्ता की मंजूरी भी नहीं लेनी पड़ती।
अगर आपकी शादी हो चुकी है और आपने अभी तक अपना EPF नॉमिनेशन अपडेट नहीं किया है, तो इसे जल्द से जल्द पूरा कर लें। यह एक छोटा-सा कदम है, लेकिन जरूरत पड़ने पर आपके परिवार को आर्थिक सुरक्षा देने में बड़ी भूमिका निभा सकता है।