शिवसागर (असम)। ‘जन सेवा ही प्रभु सेवा’ के मूल ध्येय वाक्य पर निरंतर चलते हुए, आपदा और संकट के समय में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) एक बार फिर समाज के साथ पूरी मजबूती से खड़ा हुआ है. असम के शिवसागर जिले में आई भयावह बाढ़ के बीच संघ के स्वयंसेवक प्रभावित क्षेत्रों में उतरकर आपातकालीन राहत और सेवा कार्यों में जी-जान से जुटे हुए हैं.
बाढ़ के पानी से घिरे आम लोगों की मदद के लिए स्वयंसेवक प्रभावित इलाकों में राशन, दवाएं और पीने का पानी पहुंचा रहे हैं, ताकि इस विकट परिस्थिति में कोई भी परिवार असहाय महसूस न करे.

बेतबारी और आमगुड़ी क्षेत्रों में युद्ध स्तर पर राहत सामग्री का वितरण
शिवसागर जिले के सबसे अधिक बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में शामिल बेतबारी और आमगुड़ी में स्थिति अत्यंत संवेदनशील बनी हुई है. संघ के स्वयंसेवकों की टीमों ने इन दुर्गम इलाकों में पहुंचकर राहत शिविरों (Relief Camps) में शरण लिए हुए तथा बाढ़ पीड़ित परिवारों तक सीधे सहायता सामग्री पहुंचाई है.
बाढ़ पीड़ितों के बीच बांटी जा रही प्रमुख राहत सामग्री:
- शुद्ध पेयजल: जलजमाव के कारण दूषित पानी की समस्या से बचाने के लिए शुद्ध पीने का पानी.
- खाद्य सामग्री: सूखा भोजन और छोटे बच्चों के लिए पौष्टिक आहार.
- स्वास्थ्य एवं वस्त्र: संक्रमण और बीमारियों से बचाव के लिए जरूरी दवाएं तथा सूखे वस्त्र.
संकट के समय स्वतःस्फूर्त सेवा की परंपरा
भारतीय समाज पर जब भी प्राकृतिक आपदा या कोई बड़ा संकट आता है, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्वयंसेवक बिना किसी औपचारिक निर्देश के स्वतःस्फूर्त रूप से प्रभावित क्षेत्रों में मदद के लिए आगे आते हैं.
“आपदा के समय पीड़ित बंधुओं की सेवा करना हमारा परम कर्तव्य है। शिवसागर के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में जब तक स्थिति सामान्य नहीं हो जाती, तब तक स्वयंसेवकों द्वारा राहत और पुनर्वास का यह कार्य निरंतर जारी रहेगा।”

स्थानीय प्रशासन के साथ समन्वय बनाकर स्वयंसेवक जलभराव में फंसे लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने और उनकी मूलभूत आवश्यकताओं को पूरा करने में लगे हुए हैं, जिससे बाढ़ पीड़ितों को बड़ी राहत मिल रही है.

















