आज के डिजिटल दौर में सोशल मीडिया बच्चों और किशोरों की जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुका है। पढ़ाई से लेकर मनोरंजन और दोस्तों से जुड़ने तक, हर काम के लिए बच्चे मोबाइल और इंटरनेट का इस्तेमाल कर रहे हैं। लेकिन सोशल मीडिया के बढ़ते इस्तेमाल ने बच्चों की मानसिक और शारीरिक सेहत को लेकर नई चिंताएं भी पैदा कर दी हैं। लंबे समय तक स्क्रीन के सामने रहने, ऑनलाइन बुलिंग, गलत जानकारी और अनुचित कंटेंट के कारण कई बच्चे तनाव और चिंता जैसी समस्याओं का सामना कर रहे हैं। इन्हीं बढ़ती चिंताओं को देखते हुए फ्रांस ने एक बड़ा और ऐतिहासिक फैसला लिया है।
15 साल से कम उम्र के बच्चों के सोशल मीडिया अकाउंट पर रोक
फ्रांस अब यूरोपियन यूनियन का पहला देश बन गया है जिसने 15 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया के इस्तेमाल पर सख्त नियम लागू करने का फैसला किया है। फ्रांसीसी संसद ने एक नया कानून पारित किया है, जिसके तहत 15 साल से कम उम्र के बच्चे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर नया अकाउंट नहीं बना सकेंगे। इसके साथ ही सोशल मीडिया कंपनियों को हर यूजर की उम्र की पुष्टि करना अनिवार्य होगा। यदि किसी बच्चे की उम्र 15 साल से कम पाई जाती है, तो उसे अकाउंट बनाने की अनुमति नहीं मिलेगी। वहीं, इस आयु वर्ग के पहले से बने अकाउंट भी जनवरी 2027 से बंद कर दिए जाएंगे।
राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने इस कानून का समर्थन करते हुए कहा कि बच्चों और किशोरों की सुरक्षा सरकार की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। उनका लक्ष्य है कि यह कानून 1 सितंबर से लागू हो जाए, ताकि नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत के साथ ही इसका असर दिखाई दे। फ्रांस सरकार का कहना है कि कानून लागू करने की जिम्मेदारी सोशल मीडिया कंपनियों की होगी। उम्र की पहचान करने वाली तकनीक पहले से उपलब्ध है और यूजर्स की निजी जानकारी भी पूरी तरह सुरक्षित रखी जाएगी। हालांकि, शिक्षा से जुड़ी वेबसाइट, ऑनलाइन विश्वकोश और वैज्ञानिक प्लेटफॉर्म को इस नियम से बाहर रखा गया है।

















