कई लोग सोशल मीडिया पर पोस्ट कर रहे हैं कि सूचना प्रसारण मंत्रालय (MIB) के नए ड्राफ्ट नियमों से 11 करोड़ टीवी बंद हो जाएंगे। दावा है कि केबल और DTH के चार्ज 4 से 6 गुना बढ़ जाएंगे, भारी लाइसेंस फीस लगेगी और लाखों लोगों की नौकरियां चली जाएंगी।
PIB फैक्ट चेक में झूठा निकला दावा
सरकार की फैक्ट चेक एजेंसी पीआईबी फैक्ट चेक में यह दावा पूरी तरह फेक निकला है। केंद्र सरकार ने ऐसा कोई नियम नहीं बनाया है जो टीवी सर्विस बंद कर दे या सब्सक्रिप्शन चार्ज इतना बढ़ा दे।
असल में क्या हुआ है
सूचना प्रसारण मंत्रालय ने “दूरसंचार (टेलीविज़न, रेडियो और संबंधित सेवाएँ) नियम, 2026” नाम से एक ड्राफ्ट जारी किया है। यह अभी पब्लिक और स्टेकहोल्डर्स के लिए ओपन है – 27 जुलाई 2026 तक कमेंट्स और सुझाव मांगे जा रहे हैं।
मुख्य बातें:
ड्राफ्ट में किसी भी तरह की फीस बढ़ाने का कोई प्रावधान नहीं है।
ये नियम पहले से चल रहे अलग-अलग गाइडलाइंस को एक जगह लाने के लिए हैं।
मकसद है – टीवी और रेडियो ब्रॉडकास्टिंग को आसान बनाना और बिजनेस करने में सुविधा देना।

















