सहारनपुर जनपद में अवैध मस्जिद को हटाने का आदेश पारित किया गया है। बजरंग दल के एक पदाधिकारी ने मस्जिद के अवैध होने की शिकायत की थी। अवैध मस्जिद को हटाने के लिए मुकदमे की सुनवाई करते हुए सहारनपुर के नगर मजिस्ट्रेट के न्यायालय ने कलक्ट्रेट परिसर में स्थित मस्जिद को सरकारी भूमि पर अवैध निर्माण घोषित किया। नगर मजिस्ट्रेट ने अपने निर्णय में कहा कि 315 वर्ग मीटर सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा कर मस्जिद का निर्माण किया गया था। सरकारी भूमि के कब्जे और उपयोग के बदले 6.41 करोड़ रुपये की क्षतिपूर्ति वसूलने के भी आदेश दिए गए हैं।
बजरंग दल पदाधिकारी की शिकायत के बाद शुरू हुई थी कार्रवाई
उल्लेखनीय है कि बजरंग दल के पूर्व प्रांत संयोजक विकास त्यागी ने वर्ष 2024 में आरोप लगाया था कि सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा कर मस्जिद का निर्माण किया गया था। मस्जिद में निर्मित डाकघर और अन्य कमरों का किराया भी मस्जिद समिति की ओर से लिया जा रहा है। शिकायत के बाद जिला प्रशासन ने मामले का संज्ञान लिया। गत 16 अप्रैल 2025 को नगर मजिस्ट्रेट के न्यायालय में मुकदमा दाखिल किया गया।
315 वर्ग मीटर सरकारी भूमि से जुड़ा था मामला
जानकारी के अनुसार, यह मामला खसरा संख्या 539, पठानपुरा स्थित कलक्ट्रेट कचहरी परिसर की 315 वर्ग मीटर भूमि से संबंधित था। न्यायालय के सामने राजस्व अभिलेखों का अवलोकन किया गया। यह पाया गया कि उक्त भूमि कचहरी और कलक्ट्रेट परिसर के रूप में दर्ज है। न्यायालय ने सभी साक्ष्यों पर विचार करने के बाद मस्जिद को अवैध घोषित कर दिया।
30 दिनों के अंदर मस्जिद हटाने का आदेश
न्यायालय ने आदेश दिया है कि 30 दिनों के अंदर मस्जिद को हटा दिया जाए। इसके साथ ही 6.41 करोड़ रुपये की क्षतिपूर्ति जमा कराने का आदेश भी दिया है।












