
नई दिल्ली। मेडिकल की पढ़ाई करने के इच्छुक देश के लाखों छात्र-छात्राओं का इंतजार आखिरकार खत्म हो गया है। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (NEET-UG 2026) के परिणाम आधिकारिक तौर पर घोषित कर दिए हैं। इस वर्ष की परीक्षा में कुल 11.21 लाख उम्मीदवारों ने मेडिकल, डेंटल, आयुष (AYUSH) और संबद्ध पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए सफलतापूर्वक क्वालीफाई किया है।
एनटीए (NTA) ने स्पष्ट किया कि परिणाम पूरी तरह समय पर घोषित किए गए हैं, ताकि आगामी काउंसलिंग (Counselling) और मेडिकल कॉलेजों में दाखिले की प्रशासनिक समय-सारणी निर्धारित ट्रैक पर बनी रहे।
परिणाम जारी करने से ठीक पहले एजेंसी ने आधिकारिक वेबसाइट पर नीट यूजी 2026 की फाइनल आंसर-की (Final Answer Key) भी लाइव कर दी थी।
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राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित इस सबसे बड़ी प्रवेश परीक्षा के परिणाम घोषित करते हुए एनटीए ने कुछ बेहद महत्वपूर्ण और सकारात्मक आंकड़े साझा किए हैं:
एनटीए द्वारा जारी टॉपर्स (Toppers) की सूची के अनुसार, परीक्षा में सर्वोच्च प्रदर्शन करने वाले दो छात्रों ने पूरे देश में पहला स्थान हासिल किया है। 720 अंकों में से 715 अंकों का उच्चतम स्कोर पंजाब के आर्यन गुप्ता और हरियाणा के पांशुल बंसल ने संयुक्त रूप से प्राप्त कर देश का नाम रोशन किया है।
इसके अतिरिक्त, एजेंसी ने बताया कि कुल 138 उम्मीदवारों ने 720 में से 690 से अधिक अंक हासिल किए हैं। इनमें से सबसे दिलचस्प बात यह है कि 690 से अधिक अंक लाने वाले 93 प्रतिशत से अधिक छात्र वे हैं, जो पहली बार ही नीट (UG) की परीक्षा में बैठे थे।
“एनटीए ने सभी परीक्षार्थियों को सूचित किया है कि नीट यूजी 2026 के स्कोरकार्ड (Scorecards) आधिकारिक वेबसाइट पर अपलोड कर दिए गए हैं। इसके साथ ही, श्रेणियों के अनुसार टॉपर्स की सूची, राज्यवार टॉपर्स और आधिकारिक कट-ऑफ मार्क्स (Cut-off Marks) भी जारी कर दिए गए हैं।”
परिणाम घोषित होने के बाद अब काउंसलिंग की प्रक्रिया शुरू होगी। एनटीए के दिशा-निर्देशों के अनुसार, देश भर के मेडिकल कॉलेजों में 15% ऑल इंडिया कोटा (All India Quota) के तहत आने वाली MBBS और BDS सीटों के लिए काउंसलिंग का आयोजन मेडिकल काउंसलिंग कमेटी (MCC) द्वारा किया जाएगा। वहीं, बची हुई 85% स्टेट कोटा सीटों के लिए संबंधित राज्यों के चिकित्सा शिक्षा अधिकारी अपनी काउंसलिंग प्रक्रिया आयोजित करेंगे।
एनटीए ने छात्रों और अभिभावकों की सुरक्षा के लिए एक विशेष चेतावनी भी जारी की है। एजेंसी ने छात्रों को केवल आधिकारिक वेबसाइटों पर ही भरोसा करने की सलाह दी है। साथ ही आगाह किया है कि वे मेडिकल सीटों को ब्लॉक करने, फर्जी तरीके से नंबर बढ़ाने या दाखिला दिलाने का दावा करने वाले किसी भी प्रकार के फर्जी कॉल, मैसेज (Fraudulent messages) या अनधिकृत वेबसाइटों के झांसे में न आएं।