
सीपीआई एम सांसद एमए बेबी
वामपंथियों का चीनी गठजोड़ कोई नई बात नहीं है। अक्सर इसको लेकर सवाल किए जाते रहे हैं। ताजा मामला फिर से वामपंथी सीपीआई (एम) और कॉकरोच जनता पार्टी के चीन के साथ संबंधों का है, जो सामने आय़ा है।
क्या है मामला
दरअसल, रिपब्लिक टीवी ने सीपीआई(एम) के वरिष्ठ नेता से कुछ सवाल पूछे। ये सवाल चीन दूतावास के कार्यक्रमों में उनकी मौजूदगी और सीजेपी से जुड़े लोगों से संबंधों को लेकर थे। नेता ने इन सवालों का सीधा जवाब देने से बचते दिखे। वे न केवल बचते दिखे, बल्कि रिपोर्ट को बदतमीज तक कह दिया।
रिपोर्ट के अऩुसार, सीपीआई(एम) के महासचिव और पूर्व राज्यसभा सांसद एम.ए. बेबी से ये सवाल पूछे गए थे। यह मुलाकात कैमरे पर हुई। संसद के अहम सत्र से पहले लेफ्ट पार्टी के नेताओं की चीन के अधिकारियों और कुछ कार्यकर्ता समूहों से मुलाकातों पर सवाल उठ रहे हैं।
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रिपोर्टर ने एम.ए. बेबी से पूछा कि उन्होंने चीन दूतावास द्वारा आयोजित कार्यक्रम में हिस्सा क्यों लिया। वहाँ चीन के राजनयिक भी मौजूद थे। नेता से यह भी पूछा गया कि वे दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे एक समूह का समर्थन क्यों कर रहे हैं। साथ ही यह जानना चाहा गया कि इन मुलाकातों का संसद सत्र से पहले क्या मतलब हो सकता है।
लेकिन बेबी ने इन सवालों का सीधा जवाब नहीं दिया। वे बार-बार कैमरे से दूर जाने की कोशिश करते रहे। उन्होंने कार्यक्रम का मकसद या उसमें चर्चा हुए मुद्दों के बारे में कुछ नहीं बताया। सवालों के बीच वे असहज नजर आए।
जब सवाल लगातार पूछे गए तो नेता ने रिपोर्टर पर गलत व्यवहार का आरोप लगाया। उन्होंने हर्ष त्रिवेदी से कहा, “बदतमीजी मत करो”। एक बार उन्होंने “चुप रहो” भी कह दिया। रिपोर्टर ने राष्ट्रीय सुरक्षा और इन मुलाकातों के समय को लेकर भी सवाल उठाए, लेकिन नेता ने जवाब देने की बजाय वहाँ से जाने की कोशिश की।