फिल्म अभिनेता प्रकाश राज एक बार फिर विवादों के केंद्र में हैं। इस बार उनके खिलाफ तिरुपति की अदालत में आपराधिक शिकायत दर्ज कराई गई है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि अभिनेता ने भगवान श्रीराम, श्रीलक्ष्मण और रामायण को लेकर सार्वजनिक मंच पर ऐसी टिप्पणियां कीं, जिनसे हिंदू समुदाय की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं।
दरअसल, यह पहला अवसर नहीं है जब प्रकाश राज के बयान विवादों में घिरे हों। सामाजिक, राजनीतिक और धार्मिक मुद्दों पर राय रखने वाले अभिनेता अतीत में भी कई बार अपने वक्तव्यों के कारण सुर्खियों और आलोचनाओं का सामना कर चुके हैं। अक्सर देखा गया है कि ज्यादातर हिन्दू संस्कृति, सभ्यता और परंपराओं को ही निशाना बनाते हैं!
तिरुपति कोर्ट में पहुंचा मामला
अभिनेता प्रकाश राज के खिलाफ यह शिकायत भाजपा नेता और तिरुमला तिरुपति देवस्थानम (टीटीडी) ट्रस्ट बोर्ड के सदस्य जी. भानुप्रकाश रेड्डी द्वारा दायर की गई है। तिरुपति की एडिशनल ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट फर्स्ट क्लास कोर्ट में शिकायतकर्ता द्वारा आरोप लगाया गया है कि अभिनेता प्रकाश राज ने विभिन्न सार्वजनिक कार्यक्रमों, विशेष रूप से केरल लिटरेचर फेस्टिवल में, हिंदू देवी-देवताओं और रामायण से जुड़े ऐसे बयान दिए जो आपत्तिजनक और भड़काऊ हैं।
शिकायत में अदालत से मांग की गई है कि मामले को संज्ञान में लेकर जांच कराई जाए और आवश्यक होने पर अभिनेता को समन जारी कर कानूनी कार्रवाई की जाए।शिकायत के अनुसार प्रकाश राज ने कथित तौर पर भगवान श्रीराम और श्रीलक्ष्मण को लेकर टिप्पणी की थी कि वे उत्तर भारत से दक्षिण भारत पर आक्रमण करने आए थे और इस संदर्भ को लंका प्रसंग से जोड़कर प्रस्तुत किया था।
शिकायतकर्ता का दावा है कि यह टिप्पणी धार्मिक दृष्टि से आपत्तिजनक होने के साथ ही भारतीय सांस्कृतिक परंपराओं और महाकाव्य रामायण की स्थापित मान्यताओं के विपरीत भी है। भानुप्रकाश रेड्डी का कहना है कि उन्होंने 17 अप्रैल को सोशल मीडिया पर एक वीडियो देखा, जिसमें अभिनेता रामायण और भगवान राम-लक्ष्मण के संबंध में कथित रूप से अपमानजनक टिप्पणियां करते दिखाई दे रहे थे। वीडियो वायरल होने के बाद विभिन्न वर्गों में नाराजगी देखने को मिली।
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‘आर्य-द्रविड़’ विमर्श को लेकर भी आपत्ति
शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि अभिनेता के बयान जानबूझकर ऐसे ऐतिहासिक और सामाजिक विमर्शों को हवा देते हैं, जो क्षेत्रीय और सामाजिक विभाजन को बढ़ावा दे सकते हैं। शिकायत में कहा गया है कि इस प्रकार की टिप्पणियां देश की सांस्कृतिक एकता और सामाजिक सद्भाव के लिए चुनौती बन सकती हैं। दूसरी ओर इस मामले में प्रकाश राज की ओर से अभी तक कोई विस्तृत सार्वजनिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। अदालत द्वारा मामले पर विचार किए जाने के बाद ही आगे की कानूनी प्रक्रिया स्पष्ट होगी।
विवादों से पुराना नाता
प्रकाश राज उस समय भी विवादों में आए थे जब उन्होंने फिल्म ‘द कश्मीर फाइल्स’ को लेकर तीखी टिप्पणी की थी। उन्होंने फिल्म की आलोचना करते हुए कई मंचों पर सवाल उठाए थे, वे फिल्म में दिखाए गए हिन्दू पंडित अत्याचार, हिंसा को स्वीकारने के लिए तैयार नहीं दिखे, वहीं वे लव जिहाद, इस्लामिक हिंसा, आतंकवाद को भी अक्सर नकारते हुए नजर आते हैं!
चंद्रयान और इसरो पर पोस्ट को लेकर आलोचना
भारत के चंद्रयान-3 मिशन के दौरान प्रकाश राज द्वारा साझा की गई एक सोशल मीडिया पोस्ट भी विवाद का कारण बनी थी। पोस्ट में भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) और मिशन का मजाक उड़ाया गया है। हालांकि बाद में अभिनेता ने सफाई देते हुए कहा था कि उनकी पोस्ट का उद्देश्य किसी वैज्ञानिक उपलब्धि का अपमान करना नहीं था। इतना ही नहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, भाजपा और हिंदुत्व से जुड़े मुद्दों पर प्रकाश राज की आलोचनात्मक टिप्पणियां कई बार राजनीतिक विवादों को जन्म दे चुकी हैं।

















