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क्या है अफ़गान मेकअप ट्रेंड? और क्यों हो रहा है वायरल? बुर्के के पीछे छिपा है ये हैरान करने वाला सच!

सोशल मीडिया पर इन दिनों 'अफ़ग़ान मेकअप ट्रेंड' तेजी से वायरल हो रहा है। इसमें महिलाएं सामान्य वेशभूषा से अचानक बुर्के में कैद होकर एक बड़ा सामाजिक संदेश दे रही हैं।

Published by
सोनाली मिश्रा

सोशल मीडिया पर इन दिनों अफ़गान मेकअप ट्रेंड वायरल हो रहा है और इसमें महिलाएं बढ़चढ़ कर हिस्सा ले रही हैं। इसमें दिखाया जा रहा है कि कैसे महिलाएं आम भेष भूषा में हैं और फिर अचानक से बुर्के में कैद हो जाती हैं। और एक संदेश उभरता है कि “कोई भी आजाद नहीं है, जब तक हर कोई आजाद नहीं है! – #FreeAfghanWomen.”

इंस्टाग्राम पर यह ट्रेंड वायरल है और लड़कियां इसे खुले आम पोस्ट कर रही हैं। हाँ, यह अभी तक नहीं पता है कि यह सब अफगानिस्तान की महिलाएं कर रही हैं या फिर विश्व के दूसरे देशों मे रह रही अफगानी महिलाएं। यह ट्रेंड किसी राजनीतिक विचार या व्यक्ति के खिलाफ या पक्ष में न होकर केवल महिलाओं के पक्ष में है। महिलाओं के अधिकारों के पक्ष में है।

अफगानी लड़कियां इन पोस्ट्स के माध्यम से यह अनुरोध कर रही हैं या कहें अपनी आवाज उठा रही हैं कि उन्हें आजादी दी जाए। उन्हें पढ़ने की आजादी दी जाए, उन्हें अपने मन का काम करने की आजादी दी जाए।

क्यों है यह ट्रेंड वायरल?

यह प्रश्न उठता है कि आखिर यह ट्रेंड वायरल क्यों है और क्यों लड़कियों को यह ट्रेंड करने की जरूरत हो रही है? दरअसल तालिबान के आने के बाद लड़कियों के जीवन पर कई प्रतिबंध लगाए गए हैं, जिनमें उनका पढ़ाई न कर पाना भी शामिल है। वे न ही काम कर सकती हैं और न ही अपने मन से बाहर जा सकती हैं। इसके साथ ही और भी असंख्य पाबंदियाँ हैं। लड़कियों को इस बात का दुख है कि उनकी आजादी चली गई है और वे रह-रहकर अपनी आजादी के लिए आवाज उठाती रहती हैं।

अब अफगानिस्तान की महिलाओं को लेकर विश्व भर से आवाज उठ रही है। और लोग बहस कर रहे हैं, बातें कर रहे हैं और अफ़गान की महिलाओं की ज़िंदगी के विषय में सोशल मीडिया पर अभियान चला रहे हैं। और इसी क्रम में #FreeAfghanWomen का ट्रेंड चल रहा है।

इस ट्रेंड में नए प्रकार के वीडियो सामने आ रहे हैं। ये अधिकतर इंस्टाग्राम पर हैं, जिन्हें “Afghan makeup transition,” का शीर्षक दिया गया है। इन वीडियोज़ में एक खास बात है कि लड़कियां हिन्दी फिल्म फैन्टम का “अफ़गान जलेबी” गाना गा रही हैं और उसके बाद एकदम से ही वीडियो एक ऐसी महिला के रूप में सामने आ जाता है, जो बुर्का पहने हुए हैं।

और ये अधिकतर नीला बुर्का पहने हुए हैं। यह ट्रेंड महिलाओं की बेचारगी को दिखाता है। इस वीडियो में असंख्य टिप्पणियाँ हैं, जो महिलाओं के दर्द को समझने को लेकर हैं।

ऐसे कई वीडियोज़ हैं और कई और देशों के हैं और पुरुषों के भी हैं। लोगों ने 1970 के दशक की अफगानिस्तान महिलाओं के वीडियोज़ साझा किये हैं और तुलना की है कि पहले अफगानिस्तान की महिलाएं कैसी थीं और अब उनकी स्थिति कैसी हो गई है।

ये तमाम ट्रेंड महिलाओं की स्थिति को समझने के लिए है। उनके जीवन में हो क्या रहा है और वे क्या चाहती हैं। उस विषय में है।

तालिबान ने हेरात में की गई कार्यवाही को सही ठहराया

वहीं जहाँ एक तरफ अफगानिस्तान की महिलाओं को लेकर तमाम ट्रेंड चल रहे हैं तो वहीं, जून में हेरात में महिलाओं के खिलाफ की गई कार्यवाही को तालिबान सरकार ने सही ठहराया है। तालिबान सरकार का कहना है कि उन्होनें कुछ गलत नहीं किया था। हेरात में पिछले दिनों महिलाओं पर अचानक से ही दमन आरंभ हो गया था और सड़क पर चल रही तमाम महिलाओं को यह कहते हुए हिरासत में लिया गया था कि उन्होनें हिजाब सही से नहीं पहना था।

इस घटना के विरोध में आम लोगों ने भी विरोध किया था। मगर अब इसे लेकर शांति है। हेरात में तालिबान शासन के आने के बाद भी पुरुष छोटी दाढ़ी रखा करते थे और महिलाएं ऊंची हील वाली सैंडल्स वगैर पहना करती थीं, मगर हेरात में पिछले महीने महिलाओं के हिजाब पहनने को लेकर अभियान चलाया गया था, और अब मोरलिटी पुलिस ने दर्जनों महिलाओं को गिरफ्तार किया था।

nytimes के अनुसार कई महिलाओं ने अब बाहर निकलने में असमर्थता व्यक्त की है। कई महिलाओं ने कहा कि वे अब गिरफ़्तारी के डर से बाहर निकलने से डरती हैं। उनका कहना है कि एक अजीब तरह का डर का माहौल है।

हेरात दरअसल शिया बाहुल्य क्षेत्र रहा है और वहाँ पर तालिबानी प्रभाव काफी कम रहा है। यह प्रांत तालिबान के कई विरोधियों का भी क्षेत्र रहा है, इसलिए इस बिन्दु के आधार पर भी तालिबान ने यहाँ पर यह दमन चक्र चलाया हुआ था। इसके साथ ही यह भी ध्यान देने योग्य है कि यही प्रांत 2021 में सबसे अंत में तालिबान की पकड़ में आया था।

मगर हर राजनीतिक कारण से परे लड़कियां अब सोशल मीडिया पर यह मांग उठा रही हैं कि महिलाओं को आजाद किया जाए। अफगानी महिलाओं की बात तो कम से कम सुनी जाए।

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