
प्रतीकात्मक तस्वीर
ऑस्ट्रेलिया में काम कर रहे भारतीय मूल के ट्रक ड्राइवरों को नस्लीय दुर्व्यवहार और धमकियों का सामना करना पड़ रहा है। हाल ही में एक ऑडियो क्लिप इंस्टाग्राम पर वायरल हुई है, जिसमें कुछ ऑस्ट्रेलियाई ट्रक ड्राइवर भारतीयों के खिलाफ बेहद आपत्तिजनक और हिंसक बातें कहते सुनाई दिए। इस क्लिप ने वहां प्रवासी ड्राइवरों की सुरक्षा को लेकर चर्चा शुरू कर दी है।
इंस्टाग्राम पर यह ऑडियो क्रिएटर एगी (@babysoftarms) ने शेयर किया है। यह ऑस्ट्रेलियन ब्रॉडकास्टिंग कॉरपोरेशन (ABC) की जांच का हिस्सा है। ट्रक ड्राइवरों के बीच रेडियो पर आमतौर पर सड़क सुरक्षा या रूट की बात होती है, लेकिन इस क्लिप में नफरत भरी आवाजें आ रही हैं। एक व्यक्ति कहता है – “भारतीयों को मार डालो। श्वेत आदमी के लिए खड़े हो। गृह युद्ध आने वाला है। हम सभी भारतीय पुरुषों को मार डालेंगे, उनके बच्चों को पानी में डुबो देंगे और उनकी औरतों को गुलामी के लिए बेच देंगे।”
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ABC की रिपोर्ट में कई भारतीय ड्राइवरों ने बताया कि ऑस्ट्रेलियाई सड़कों पर नस्लवाद उनकी रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बन गया है। एक ड्राइवर ने कहा कि अगर आपका लहजा ऑस्ट्रेलियाई है तो कोई समस्या नहीं, लेकिन अगर पंजाबी या भारतीय अंदाज में बोलते हो तो रेडियो पर भारी गालियां मिलती हैं। इन लगातार धमकियों से परेशान होकर कई भारतीय ड्राइवरों ने रेडियो का इस्तेमाल करना ही छोड़ दिया है। वे अब इस तरह की बातचीत से दूर रहते हैं।
यह समस्या सिर्फ रेडियो तक सीमित नहीं है। सार्वजनिक जगहों पर भी भारतीयों को निशाना बनाया जाता है। एक भारतीय मूल के व्यक्ति ने बताया कि दक्षिण ऑस्ट्रेलिया के एक पेट्रोल पंप पर वह अपनी पत्नी से पंजाबी में बात कर रहे थे। तभी एक व्यक्ति उनके पास आया और आक्रामक तरीके से बोला – “यह ऑस्ट्रेलिया है, यहां अंग्रेजी में बात करो।”
वह व्यक्ति पेट्रोल का पेमेंट करके लौटा और ट्रक में बैठने से पहले उस भारतीय ड्राइवर पर थूक गया। पीड़ित ने इसे अपनी जिंदगी का सबसे अपमानजनक अनुभव बताया।
ऑस्ट्रेलियन ट्रकिंग एसोसिएशन (ATA) और नेशनल हेवी व्हीकल रेगुलेटर (NHVR) ने इस तरह के व्यवहार की निंदा की है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह का मानसिक तनाव ड्राइवरों के स्वास्थ्य पर असर डालता है। इससे उनका ध्यान बंटता है और सड़क दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ सकता है।