राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की सालाना अखिल भारतीय प्रांत प्रचारक बैठक 10, 11 और 12 जुलाई 2026 को कर्नाटक के बेलगावी में हुई और आज पूरी हो गई। इस बैठक में पूज्य सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी, सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले जी समेत कुल 226 कार्यकर्ता शामिल हुए।
प्रशिक्षण वर्गों की समीक्षा
बैठक में मार्च 2026 के बाद हुए विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रमों की विस्तार से समीक्षा की गई। इस साल पूरे देश में 83 संघ शिक्षा वर्ग और 12 कार्यकर्ता विकास वर्ग आयोजित हुए। इनमें कुल 18,842 स्वयंसेवकों ने हिस्सा लिया। इन वर्गों में शाखा संचालन, संघ की कार्यपद्धति, ग्राम विकास, परिवार प्रबोधन, आपदा प्रबंधन और पर्यावरण जैसे कई उपयोगी विषय शामिल थे।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ
अखिल भारतीय प्रांत प्रचारक बैठक
10,11 एवं 12 जुलाई 2026
प्रेस विज्ञप्ति —12 जुलाई 2026, बेलगावी, कर्नाटक
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की वार्षिक अखिल भारतीय प्रान्त प्रचारक बैठक आज कर्नाटक के बेलगावी में संपन्न हो गई। इस बैठक में पू. सरसंघचालक डा. मोहन… pic.twitter.com/IM8Cs35aBt— RSS (@RSSorg) July 12, 2026
शाखा विस्तार और शताब्दी वर्ष की योजना
कार्यकर्ताओं ने शाखाओं में चल रहे कामों की समीक्षा की। सितंबर महीने में ज्यादा से ज्यादा शाखाएं बढ़ाने की योजना पर भी चर्चा हुई। शताब्दी वर्ष के जो कार्यक्रम हो चुके हैं, उनकी समीक्षा की गई और बाकी बचे कार्यक्रमों की तैयारी पर विचार हुआ। जो लोग इन कार्यक्रमों के जरिए जुड़े हैं, उन्हें सामाजिक कामों और पंच परिवर्तन जैसे मुद्दों पर सक्रिय करने की योजना बनाई गई। सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी की वर्ष 2026-27 की यात्रा योजना पर भी विस्तार से बात हुई।
वर्तमान मुद्दों पर चर्चा
बैठक में देश की मौजूदा स्थिति से जुड़े कई विषय उठे। खासतौर पर जनगणना और जनसांख्यिकी असंतुलन से आने वाली चुनौतियों पर जानकारी साझा की गई। ड्रग्स के बढ़ते नुकसान को लेकर चिंता जताई गई और नशा मुक्ति के काम को प्राथमिकता देने की जरूरत पर जोर दिया गया। साथ ही संत शिरोमणि रविदास महाराज जी के 650वें जन्म जयंती वर्ष के कार्यक्रमों की तैयारी पर भी चर्चा हुई।
राम मंदिर दानपेटी मामले पर जताया दुख
सभी ने श्री राम जन्मभूमि मंदिर में दानपेटी के चढ़ावे की गिनती में हुई अनियमितता की घटना पर दुख जताया। तीर्थ क्षेत्र न्यास की अपील पर चल रही SIT और पुलिस की जांच को निर्णायक मोड़ पर पहुंचने का विश्वास व्यक्त किया गया।















