भारतीय परंपरा में शांति मंत्र और महामृत्युंजय मंत्र का जाप लंबे समय से किया जाता रहा है। लोग मानते हैं कि इन मंत्रों का नियमित जाप मन को शांत करता है और तनाव कम करने में मदद करता है। अब एक नए वैज्ञानिक अध्ययन में भी यह बात सामने आई है कि इन मंत्रों का कुछ मिनट तक जाप करने से दिल की सेहत पर सकारात्मक असर पड़ सकता है।
शोध में क्या सामने आया?
मोरारजी देसाई राष्ट्रीय योग संस्थान (एमडीएनआईवाई) के शोधकर्ताओं ने इस विषय पर एक अध्ययन किया। इसमें 30 स्वस्थ योग छात्रों को शामिल किया गया। सभी प्रतिभागियों से पांच मिनट तक शांति मंत्र या महामृत्युंजय मंत्र का जाप कराया गया। इसके बाद उन्हें पांच मिनट तक आराम करने के लिए कहा गया। इस दौरान शोधकर्ताओं ने उनकी हार्ट रेट, ब्लड प्रेशर और सांस लेने की गति जैसी कई चीजों की जांच की। अध्ययन में पाया गया कि मंत्रों का जाप करते समय शरीर थोड़ा सक्रिय हो जाता है, इसलिए उस दौरान हृदय की गतिविधियां कुछ बढ़ जाती हैं। लेकिन जैसे ही प्रतिभागियों ने कुछ मिनट आराम किया, उनके शरीर में शांति और विश्राम के संकेत साफ दिखाई दिए।
शोध के अनुसार, मंत्र जाप और उसके बाद आराम करने से हार्ट रेट और ब्लड प्रेशर में कमी देखी गई। इसके अलावा दिल पर पड़ने वाला काम का दबाव भी पहले की तुलना में कम हुआ। महामृत्युंजय मंत्र का जाप करने वाले लोगों में आराम के बाद सांस लेने की गति भी कम पाई गई, जो शरीर के शांत होने का संकेत माना जाता है। शोधकर्ताओं का कहना है कि केवल कुछ मिनट का मंत्र जाप भी शरीर में सकारात्मक बदलाव ला सकता है। हालांकि, यह अध्ययन केवल 30 स्वस्थ लोगों पर किया गया था। इसलिए इसके नतीजों की पुष्टि के लिए भविष्य में बड़े स्तर पर और शोध किए जाने की जरूरत है। यह अध्ययन इस ओर इशारा करता है कि यदि कोई व्यक्ति रोज कुछ मिनट शांति मंत्र या महामृत्युंजय मंत्र का जाप करे और उसके बाद थोड़ी देर शांत बैठकर विश्राम करे, तो इससे तनाव कम करने और दिल की सेहत को बेहतर बनाए रखने में मदद मिल सकती है।











