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‘2010 में कांग्रेस सरकार में ऑस्ट्रेलिया ने भारत को यूरेनियम बेचने से कर दिया था मना’, संबित पात्रा ने याद दिलाई घटना

ऑस्ट्रेलिया और भारत के बीच यूरेनियम सप्लाई को लेकर अहम समझौता हुआ है। लेकिन कभी ऐसा भी समय था कि ऑस्ट्रेलिया ने भारत को यूरेनियम देने से साफ मना कर दिया था।

Published by
Lalit Fulara

नई दिल्ली। ऑस्ट्रेलिया और भारत के बीच यूरेनियम सप्लाई को लेकर अहम समझौता हुआ है। लेकिन कभी ऐसा भी समय था कि ऑस्ट्रेलिया ने भारत को यूरेनियम देने से साफ मना कर दिया था। यह घटना 16 साल पुरानी है। बीजेपी नेता व ओडिशा की पुरी लोकसभा सीट से सांसद संबित पात्रा ने कांग्रेस सरकार के दौरान हुई इस घटना को याद दिलाया है।

जयराम रमेश के बयान के बाद पात्रा ने किया पलटवार और याद दिलाई पुरानी बात
संबित पात्रा ने दावा किया है कि साल 2010 में ऑस्ट्रेलिया ने भारत को यूरेनियम बेचने से साफ मना कर दिया था। उन्होंने यह बात कांग्रेस नेता जयराम रमेश के एक बयान के बाद कही है। दरअसल, कांग्रेस नेता जयराम रमेश का कहना था कि मोदी सरकार साल 2008 में बने कानून का क्रेडिट लेने की कोशिश कर रही है। इसके जवाब में संबित पात्रा ने उन्हें 16 साल पुरानी वह घटना याद दिलाई जब ऑस्ट्रेलिया ने भारत को यूरेनियम देने से मना कर दिया था।

संबित पात्रा ने साधा कांग्रेस पर निशाना, कहा- मनगढ़ंत स्क्रिप्ट न लिखें…
संबित पात्रा ने कहा कि मनगढ़ंत स्क्रिप्ट लिखने की बजाय जयराम रमेश को UPA के समय की सच्ची बातें देखनी चाहिए। अगर आपकी तथाकथित ऐतिहासिक डील ने भारत के लिए यूरेनियम सप्लाई पहले ही पक्की कर दी थी तो ऑस्ट्रेलिया ने 2010 में भारत को यूरेनियम बेचने से साफ मना क्यों कर दिया था?

उन्होंने आगे कहा कि यह 2014 प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्णायक नेतृत्व में ही हुआ था। उसी दौरान भारत ने ऑस्ट्रेलिया के साथ ऐतिहासिक सिविल न्यूक्लियर कोऑपरेशन एग्रीमेंट पर साइन किए थे। जिससे दोनों देशों के बीच सिविल न्यूक्लियर कोऑपरेशन में एक नए चैप्टर का रास्ता बना। कांग्रेस पार्टी टॉकिंग पॉइंट बनाती है। लेकिन PM मोदी नतीजे देते हैं। उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि देश को गुमराह करना बंद करें।

क्या कहा था जयराम रमेश ने जो संबित पात्रा ने याद दिलाई पुरानी घटना?
बता दें कि कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने कहा था कि अवार्ड-जीवी ने गर्व से घोषणा की है कि ऑस्ट्रेलिया भारत को यूरेनियम की सप्लाई करेगा। यह सिर्फ अमेरिका और भारत परमाणु सहयोग समझौते की वजह से संभव हो पाया है जो आखिरकार 8 अक्टूबर, 2008 को कानून बना। जुलाई 2005 में डॉक्टर मनमोहन सिंह और राष्ट्रपति जॉर्ज बुश के बीच हुई मुलाकात से ही बातचीत की शुरुआत हुई थी। बीजेपी ने संसद और उसके बाहर, हर जगह इस बड़े बदलाव वाले समझौते का विरोध किया था। कांग्रेस टर्निंग पॉइंट्स बनाती है। जबकि बीजेपी यू टर्न लेने में माहिर है। इसी के जवाब में संबित पात्रा ने कांग्रेस पर निशाना साधा और उनको 16 साल पुरानी घटना याद दिलाई।

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