देश में मानसून पूरी तरह से दस्तक दे चुका है। देश के कई राज्यों में भारी बारिश, जलभराव ने आम जनजीवन को बुरी तरह से अस्त व्यस्त कर दिया है। दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, गुजरात और महाराष्ट्र समेत कई जगहों पर भारी बारिश हुई। कई राज्यों में लोगों की मौतें भी हुई हैं।
17 राज्यों में IMD का अलर्ट
इस बीच मानसून को देखते हुए मौसम विभाग (IMD) ने आज यानी शुक्रवार को दिल्ली समेत कुल 17 राज्यों में बारिश का अलर्ट जारी किया है। इन राज्यों में भारी बारिश की संभावना बताई गई है।
उत्तर प्रदेश में जानमाल का नुकसान
उत्तर प्रदेश में बारिश और वज्रपात से जुड़े हादसों में कुल 19 लोगों की मौत हो गई। गाजियाबाद के मसूरी इलाके में नाले में गिरने से सात साल के शाद की मौत हो गई। विजयनगर में जलभराव में डूबने से तीन साल की पल्लवी की जान चली गई। इंदिरापुरम के ज्ञानखंड पार्क में ट्रांसफार्मर में करंट लगने से चौकीदार नरेंद्र काछी की मौत हुई। निवाड़ी में दीवार गिरने से कामगार रंजीत राय भी नहीं बचे।
बुलंदशहर में मकान की दीवार गिरने से एक परिवार के तीन सदस्य दबकर मारे गए। पूर्वांचल के चार जिलों में वज्रपात से सात लोगों की मौत हुई। पिछले 24 घंटों में बिजनौर में सबसे ज्यादा 306 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। मौसम विभाग ने अगले दो दिनों के लिए लखनऊ समेत उत्तर प्रदेश के 60 से ज्यादा जिलों में भारी बारिश और वज्रपात का अलर्ट जारी किया है।
दिल्ली-एनसीआर में हालात
दिल्ली और आसपास के इलाकों में भी बारिश ने परेशानी बढ़ाई। कई जगहों पर पेड़ गिर गए। ईस्ट ऑफ कैलाश और रोहिणी में भारी पेड़ गिरने से एक ई-स्कूटी और कार दब गई। भोगल अंडरपास में पानी भर जाने से एक बीएमडब्ल्यू कार फंस गई। साहिबाबाद के वसुंधरा सेक्टर-13 में सड़क करीब 15 फीट तक धंस गई, जिसमें एक कार समा गई। कई सोसायटियों में पानी भरने से 200 से ज्यादा वाहन खराब हो गए। गुरुग्राम और फरीदाबाद में भी जलभराव और गड्ढों की शिकायतें आईं।
उत्तराखंड में बारिश का कहर
उत्तराखंड में मूसलाधार बारिश से पहाड़ी और मैदानी इलाके दोनों प्रभावित हुए। 84 से ज्यादा संपर्क मार्ग भूस्खलन की वजह से बंद हो गए। नैनीताल झील का जलस्तर बढ़ने से नौकायन बंद करना पड़ा। चारधाम यात्रा मार्ग भी कई जगह आंशिक रूप से बाधित रहा। कई जिलों में आज स्कूल बंद रखने का फैसला लिया गया है।
गुजरात और महाराष्ट्र में स्थिति
गुजरात के सूरत में भारी बारिश से जुड़ी घटनाओं में 9 लोगों की मौत हुई। निचले इलाकों से करीब 3,900 लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाया गया। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने सूरत पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। वहीं महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले में बाढ़ के दौरान एचपीसीएल के प्लांट से करीब 3,000 गैस सिलेंडर नदी में बह गए। पुणे में इमारत ढहने की घटना में एक शव निकाला गया और कुछ लोग अभी भी मलबे में फंसे हो सकते हैं।
















