उत्तराखंड

केदारनाथ-बद्रीनाथ पुनर्निर्माण पर बड़ा फैसला: अब 6 नए ब्लॉक पर शुरू होगा काम, मुख्य सचिव ने की समीक्षा!

उत्तराखंड के मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने केदारनाथ पुनर्निर्माण और बद्रीनाथ मास्टर प्लान के कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने केदारनाथ में 6 नए ब्लॉक्स का काम तुरंत शुरू करने के निर्देश दिए।

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उत्तराखंड ब्यूरो

देहरादून । मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने केदारनाथ पुनर्निर्माण एवं पुनर्विकास कार्यों तथा बद्रीनाथ मास्टर प्लान के कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। मुख्य सचिव ने केदारनाथ पुनर्निर्माण से संबंधित कार्यों की विस्तार से जानकारी ली। उन्होंने प्रत्येक कार्य की भौतिक एवं वित्तीय प्रगति के साथ ही पूर्ण होने की समयसीमा की भी जानकारी ली।

केदारनाथ धाम में 6 नए ब्लॉकों का कार्य तत्काल शुरू करने के निर्देश

मुख्य सचिव ने कहा कि केदारनाथ धाम में जिन 6 ब्लॉकों का कार्य शुरू किया जाना है, उन्हें तत्काल प्रारंभ कराया जाए। उन्होंने निर्धारित समय पर कार्य पूर्ण कराने के लिए प्रत्येक कार्य की लगातार मॉनिटरिंग किए जाने के निर्देश दिए।

यात्रा क्षेत्र के लिए व्यापक कूड़ा प्रबंधन योजना तैयार करने के निर्देश

मुख्य सचिव ने जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग को केदारनाथ धाम यात्रा क्षेत्र के लिए एक व्यापक एवं एकीकृत कूड़ा प्रबंधन योजना तैयार करने के निर्देश दिए, ताकि यात्रा के दौरान किसी भी प्रकार के कूड़े के निस्तारण की उचित व्यवस्था सुनिश्चित की जा सके।

उन्होंने आश्वासन दिया कि इस कार्य के लिए जो भी वित्तीय, तकनीकी एवं अन्य सहयोग आवश्यक होगा, वह उपलब्ध कराया जाएगा।

बद्रीनाथ मास्टर प्लान के कार्यों में तेजी लाने के निर्देश

मुख्य सचिव ने बद्रीनाथ मास्टर प्लान फेज-1 एवं फेज-2 के कार्यों की प्रगति की भी विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने प्रत्येक कार्य की भौतिक एवं वित्तीय प्रगति की जानकारी ली तथा निर्धारित समयसीमा के अनुसार कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि परियोजना में शामिल सभी प्रकार के कंटेंट एवं आर्टवर्क का कार्य भी समानांतर रूप से प्रारंभ कराया जाए।

ऑपरेशन एवं मेंटेनेंस के लिए फ्रेमवर्क तैयार करने पर जोर

मुख्य सचिव ने जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि केदारनाथ धाम एवं बद्रीनाथ धाम में स्थापित की जा रही सभी परिसंपत्तियों (एसेट्स) एवं सुविधाओं के संचालन और रखरखाव (ऑपरेशन एंड मेंटेनेंस) के लिए पहले से ही फ्रेमवर्क तैयार कर लिया जाए।

उन्होंने कहा कि यदि इनके संचालन के लिए संस्थाएं पहले से निर्धारित रहेंगी, तो हैंडओवर के बाद रखरखाव एवं संचालन की जिम्मेदारियों का निर्धारण करने में आसानी होगी।

बैठक में ये अधिकारी रहे उपस्थित

इस अवसर पर सचिव धीराज गर्ब्याल, अपर सचिव विनीत कुमार तथा संबंधित जनपदों के जिलाधिकारी उपस्थित रहे।

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