विश्व

“वामपंथ कैंसर है, जल्द काटना होगा”– अमेरिका के 250वें स्वतंत्रता दिवस पर ट्रंप ने कही बड़ी बात

अमेरिका की 250वीं स्वतंत्रता वर्षगांठ पर डोनाल्ड ट्रंप ने वामपंथ को 'कैंसर' बताया। बोले- इसे शुरू होने से पहले ही काटकर फेंकना होगा। मेल-इन वोटिंग पर सख्त नियम और वोटर रजिस्ट्रेशन में सिटिजनशिप प्रूफ की मांग की।

Published by
कुलदीप सिंह

‘वामपंथ एक कैंसर की तरह है औऱ इसे जल्द से जल्द काटकर फेंकना पड़ेगा।’ अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिका की 250वीं स्वतंत्रता वर्षगांठ पर एक चुनावी रैली में ये बात कही। इसके साथ ही उन्होंने वोटिंग पर नए नियमों की मांग दोहराई और देश में बढ़ रहे वामपंथियो के प्रभाव पर चेतावनी दी। साथ ही अपनी तारीफ में कसीदे भी पढ़े।

वामपंथ एक कैंसर की तरह

डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, “हम ऐसे खतरे को तुरंत रोकना पसंद करते हैं, शुरू होने से पहले ही। ये कैंसर जैसा है – इसे काटकर फेंकना पड़ता है, और जल्दी करना पड़ता है।” उन्होंने पहले भी कई बार कुछ लेफ्ट विंग डेमोक्रेटिक उम्मीदवारों को “कम्युनिस्ट” कहा था, हालांकि शनिवार को उन्होंने किसी का नाम लेकर ऐसा नहीं कहा। ट्रंप ने अमेरिका की उपलब्धियों की तारीफ की – युद्ध में जीत, चंद्रमा पर उतरना, राइट ब्रदर्स की पहली उड़ान और देश की सरकार व्यवस्था। साथ ही कांग्रेस से अपील की कि मेल-इन वोटिंग (पोस्टल बैलट) को सीमित करने और वोटर रजिस्ट्रेशन के लिए सिटिजनशिप प्रूफ की जरूरत वाली कानून पास किया जाए। उन्होंने कहा कि उन्होंने ईरान की मिलिट्री को “मिटा दिया” है।

पहले के राष्ट्रपतियों ने आमतौर पर 4 जुलाई के उत्सव में खुद पर्सनली हिस्सा नहीं लिया। लेकिन ट्रंप ने 2019 में भी ऐसा ही भाषण दिया था। 1951 के बाद से नेशनल मॉल पर राष्ट्रपति का 4 जुलाई भाषण यही दूसरा मौका था।

मौसम की चुनौतियां और सुरक्षा

लोग घंटों लाइन में लगकर अंदर आए। सुरक्षा बढ़ाई गई थी और तापमान 103 डिग्री फारेनहाइट (39 डिग्री सेल्सियस) तक पहुंच गया था। रिकॉर्ड तोड़ गर्मी की वजह से आसपास कई परेड और कार्यक्रम रद्द हो गए। ट्रंप ने इस हफ्ते कहा था कि वे “बहुत लंबा भाषण” देंगे, लेकिन भीषण गर्मी के कारण स्पीच 40 मिनट से कम चली।

फ्रीडम 250 इवेंट और विवाद

ट्रंप प्रशासन की फ्रीडम 250 टीम ने 2016 में बनी गैर-दलीय संस्था को किनारे कर दिया। उन्होंने नेशनल मॉल के बड़े हिस्से को घेरकर “ग्रेट अमेरिकन स्टेट फेयर” लगाया। इसमें फेरिस व्हील जैसी सवारी थीं और कंजर्वेटिव ग्रुप्स व डिफेंस कंपनियों के स्टॉल लगे थे। फ्रीडम 250 का कहना है कि यह फेयर उन लोगों और नई चीजों को दिखाता है जो अमेरिका को दुनिया का सबसे महान देश बनाते हैं। कई डेमोक्रेट शासित राज्यों ने डेलिगेशन भेजने से मना कर दिया।

Share