
कर्णावती/अहमदाबाद। साइबर सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, गांधीनगर की टीम ने ‘ऑपरेशन म्यूल हंट 2.0’ के तहत अब तक के सबसे बड़े साइबर क्राइम नेटवर्क का पर्दाफाश किया है।
इस ऑपरेशन के दौरान विभिन्न बैंकों में फर्जी नाम से फर्म रजिस्टर करवाकर ‘म्यूल अकाउंट’ के जरिए देशभर में 161 करोड़ रुपये से ज्यादा की साइबर धोखाधड़ी की गई थी। इस गैंग के चार मुख्य आरोपियों को अहमदाबाद और सूरत से गिरफ्तार किया गया है।
पिछले एक महीने में म्यूल हंट अभियान के तहत कुल 55 आरोपियों की गिरफ्तारी की गई है, जिन्होंने कुल 802 करोड़ रुपये के साइबर फ्रॉड किए होने की बात जांच में सामने आई है।
साइबर सेंटर ने चामुंडा कम्युनिकेशन के नाम से फर्जी फर्म का रजिस्ट्रेशन कराने वाले आरोपी विशाल सुरेश डोडिया को गिरफ्तार किया है। विशाल ने अपनी फर्जी फर्म के नाम पर अलग-अलग तीन बैंकों में खाते खुलवाकर उनकी जानकारी अपने साथ जुड़ी साइबर गैंग को दी थी।
यह गैंग देशभर में ऑनलाइन साइबर फ्रॉड कर उसका पैसा विशाल के अकाउंट में मंगवाते थे। इस तरह चामुंडा कम्युनिकेशन के खाते में देशभर में 253 से ज्यादा साइबर अपराध किए गए थे।
आरोपियों ने संयुक्त रूप से देश के 22 राज्यों से 161 करोड़ रुपये का साइबर फ्रॉड किया, यह सामने आया है। साइबर सेल ने विशाल डोडिया को गिरफ्तार कर आगे की जांच शुरू कर दी है।
एक अन्य अपराध में भावनगर की डिस्ट्रिक्ट को-ऑपरेटिव बैंक के सर्वर कंप्यूटर सिस्टम, सर्वर, डेटाबेस और कोर बैंकिंग सिस्टम को हैक करके इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड में कृत्रिम रूप से बदलाव कर कुल 7.34 करोड़ रुपये अलग बैंक अकाउंट में ट्रांसफर किए गए थे।
इस तरह धोखाधड़ी कर बैंक को नुकसान पहुंचाने के मामले में मोहम्मद खालिद गुलाम हुसैन (40, सूरत) और सोयब राणा (38, सूरत) के साथ ही म्यूल हंट केस में वांछित आरोपी अफजल पीर मोहम्मद मंसूरी (निवासी गोमतीपुर), जो खाता ऑपरेट करने वाला तथा पैसों को इधर-उधर करने वाला था, उसे भी गिरफ्तार कर आगे की जांच शुरू की गई है।