देहरादून: गढ़वाल और कुमाऊं मंडल में पिछले दो दिन से हो रही भारी बारिश के चलते नदियां उफान पर है। गढ़वाल में उत्तरकाशी में भागीरथी ,रुद्रप्रयाग में अलकनंदा का जलस्तर बढ़ रहा है। रुद्रप्रयाग जिले में मंदाकिनी का बहाव भी तेज हो रहा है। लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में जन-जीवन अस्तव्यस्त कर दिया है।
अलकनंदा नदी का रौद्र रूप देखने को मिल रहा है। नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ने के साथ ही उसका रौद्र रूप लोगों में चिंता का कारण बन गया है। हालात की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि रुद्रप्रयाग के बेलनी पुल के नीचे स्थापित भगवान शिव की विशाल प्रतिमा लगभग डूबने की स्थिति में पहुंच गई है। प्रतिमा के चारों ओर तेज वेग से बहता पानी मानसून की भयावह की तस्वीर बयां कर रहा है। सिरोबगड़ में लैंडस्लाइड से चारधाम यात्रा प्रभावित हुई है।
लगातार बढ़ रहा अलकनंदा का जलस्तर
पिछले 48 घंटों से जारी भारी वर्षा के कारण अलकनंदा का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। नदी अपने सामान्य बहाव से कहीं अधिक वेग के साथ बह रही है, जिससे तटवर्ती क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ गई है। जानकारी के अनुसार, नदी के किनारों पर भू कटाव का खतरा भी बढ़ने लगा है, जबकि तेज बहाव के कारण घाटों और निचले क्षेत्रों में सावधानी बरती जा रही है।
संवेदनशील इलाकों में टीमें तैनात
भारी बारिश और जल प्रवाह की स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन ने आपदा प्रबंधन, पुलिस और राजस्व विभाग की टीमों को संवेदनशील क्षेत्रों में तैनात कर दिया है। सभी टीमें लगातार हालात पर नजर रखे हुए हैं और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक संसाधन तैयार रखे गए हैं। जिलाधिकारी विशाल मिश्रा ने बताया कि मौसम के पूर्वानुमान में अगले दो दिन और तेज बारिश है इसलिए अलकनंदा के जल प्रवाह में और वृद्धि होने की संभावना है, हमने आपदा प्रबंधन टीम को हाई अलर्ट पर रखा है।
मार्ग पर कई जगह भूस्खलन की खबरे आने के बाद लोक निर्माण विभाग को भी सक्रिय रखा गया है। उधर चारधाम मार्ग पर कई स्थानों पर पहाड़ी मलबा सड़कों पर आया है, प्रशासन ने उन्हें हटाने और रास्ता सुचारू रखने के लिए हर संभव प्रयास किए हैं। अलकनंदा का जलस्तर बढ़ने से श्रीनगर देवप्रयाग ऋषिकेश तक गंगा किनारे रहने वाले लोगों को सावधानी बरतने की चेतावनी जारी की गई है।
मौसम का यही हाल रहा तो अगले तीन चार दिनों में हरिद्वार और यूपी में गंगा में बाढ़ की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता। भागीरथी का जलस्तर बढ़ने से टिहरी डैम में भी पानी की कमी का संकट दूर होने लगा है जो कि पिछले दिनों काफी नीचे चला गया था।















