पिथौरागढ़: पहाड़ों में लगातार हो रही भारी बारिश का असर अब पिथौरागढ़ जिले में कैलाश मानसरोवर और आदि कैलाश यात्रा मार्ग पर भी दिखाई देने लगा है। बारिश के दौरान कैलाश मानसरोवर यात्रा मार्ग में तम्पा मंदिर के पास अचानक पहाड़ी दरक गई। जिससे मलबा और पत्थर सड़क पर आ गए, जिसके चलते यात्रा मार्ग अस्थायी रूप से बंद हो गया है। मार्ग बंद होने से स्थानीय लोगों के साथ-साथ यात्रियों को भी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
पूरे राज्य में भारी बारिश
उत्तराखंड में आज बारिश का सभी जिलों में कहीं ओरेंज तो कहीं येलो अलर्ट जारी किया गया है। 13 में से 9 जिलों में प्रशासन ने स्कूल बंद किए है और यात्रा नहीं किये जाने की नसीहत दी है। राज्य की सड़कों पर 200 से अधिक स्थानों पर पहाड़ियाँ दरकने से भूस्खलन हुआ है। बंद सड़कों को खोलने के लिए प्रशासनिक एजेंसियों को लगाया गया है।
आपदा प्रबंधन टीम मुस्तैद
सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन ने गुरुवार को राज्य आपातकालीन परिचालन केन्द्र से प्रदेशभर में वर्षा से उत्पन्न स्थिति, मौसम पूर्वानुमान, सड़क संपर्क, नदियों के जलस्तर तथा राहत एवं बचाव कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि मौसम विभाग द्वारा आगामी दिनों के लिए जारी चेतावनियों को अत्यंत गंभीरता से लेते हुए सभी विभाग 24×7 अलर्ट मोड पर कार्य करें तथा किसी भी आपात स्थिति में तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करें।
उन्होंने बताया कि 10 जुलाई के लिए मौसम विभाग द्वारा नैनीताल, ऊधमसिंहनगर एवं चम्पावत जनपदों में रेड अलर्ट, जबकि पौड़ी गढ़वाल, देहरादून एवं बागेश्वर जनपदों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इसके मद्देनजर सभी जिलाधिकारियों, पुलिस, एसडीआरएफ, लोक निर्माण विभाग, पेयजल, विद्युत, स्वास्थ्य तथा अन्य संबंधित विभागों को पूर्ण सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास ने कहा कि मा0 मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से चारधाम यात्रा को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए हैं।
उन्होंने कहा कि जहां भी मौसम अत्यधिक खराब हो अथवा भारी वर्षा के कारण यात्रा करना जोखिमपूर्ण हो, वहां यात्रियों को सुरक्षित स्थानों पर रोका जाए। ऐसे सभी होल्डिंग प्वाइंट्स पर श्रद्धालुओं के लिए भोजन, पेयजल, दवाइयों, बच्चों के लिए दूध, शौचालय, आवास तथा अन्य आवश्यक सुविधाओं की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि मौसम सामान्य होने और मार्ग पूरी तरह सुरक्षित घोषित होने के बाद ही यात्रियों को आगे जाने की अनुमति दी जाए।
भूस्खलन संभावित क्षेत्रों के लोगों की सुरक्षा को प्राथमिकता
उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि नदियों, बरसाती नालों, गाड़-गदेरों तथा भूस्खलन संभावित क्षेत्रों के समीप निवास कर रहे लोगों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। आवश्यकता पड़ने पर ऐसे परिवारों को तत्काल सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित किया जाए। साथ ही जिन क्षेत्रों में निर्माण कार्य चल रहे हैं, वहां कार्यरत श्रमिकों एवं अन्य लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए आवश्यक होने पर कार्य अस्थायी रूप से रोकने तथा उन्हें सुरक्षित स्थानों पर भेजने के निर्देश भी दिए। समीक्षा बैठक में सचिव आपदा प्रबंधन ने प्रदेशभर में वर्षा से प्रभावित सड़कों, पेयजल एवं विद्युत आपूर्ति सहित अन्य मूलभूत सेवाओं की स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने निर्देश दिए कि वर्षा अथवा भूस्खलन के कारण अवरुद्ध सड़कों को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र खोला जाए, ताकि आमजन को अनावश्यक कठिनाइयों का सामना न करना पड़े। उन्होंने विशेष रूप से संवेदनशील स्थलों पर जेसीबी, पोकलेन मशीनों तथा अन्य आवश्यक उपकरणों एवं मानवबल की अग्रिम तैनाती सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
ग्रामीण सड़कों को प्राथमिकता के आधार पर खोला जाए
सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास श्री विनोद कुमार सुमन ने ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क संपर्क बहाल करने पर विशेष जोर देते हुए कहा कि वर्षाकाल के दौरान सर्वाधिक प्रभावित ग्रामीण सड़कें होती हैं। इसलिए ग्रामीण सड़कों को युद्धस्तर पर खोलने की कार्रवाई की जाए, ताकि दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को आवश्यक सेवाओं, स्वास्थ्य सुविधाओं एवं राहत सामग्री की उपलब्धता प्रभावित न हो।
बांध जलाशयों की भी अपडेट
आपदा प्रबंधन मुख्यालय ने उत्तराखंड के सभी जलाशयों, बाँधों और नदियों के सिंचाई विभाग के बड़े चैनल्स को खोलने से पूर्व आपदा प्रबंधन मुख्यालय को इसकी सूचना देना आवश्यक कर दिया है। ऐसा इसलिए किया गया है कि बाढ़ की स्थिति बनने से पूर्व आबादी वाले नदी किनारों को अ सुरक्षित किए जाने का समय मिल सके।
प्रदेशवासियों से सतर्क रहने की अपील
सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन ने प्रदेशवासियों से मौसम विभाग द्वारा जारी चेतावनियों का गंभीरता से पालन करने की अपील की। उन्होंने कहा कि अनावश्यक यात्रा से बचें, विशेषकर पर्वतीय एवं भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में जाने से परहेज करें। नदी-नालों, गाड़-गदेरों तथा जलभराव वाले क्षेत्रों के समीप न जाएं और खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर ही रहें। किसी भी प्रकार की आपात स्थिति में तत्काल स्थानीय प्रशासन अथवा आपातकालीन सेवाओं से संपर्क करें तथा केवल शासन एवं प्रशासन द्वारा जारी आधिकारिक सूचनाओं पर ही विश्वास करें।
मौसम विभाग द्वारा क्षेत्र में बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना जताई गई है, ऐसे में लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है।
हरिद्वार रुड़की देहरादून में जलभराव
भारी बारिश ने मैदानी क्षेत्रों में खासतौर पर हरिद्वार रुड़की देहरादून रुद्रपुर हल्द्वानी आदि शहरों में ड्रेनेज समस्या गहराई रही।प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर पहुंच कर हालात का जायजा लिया और पानी निकासी के लिए उपाय तेज किए।
देहरादून में बीती शाम धुंध भी छाई रही उसके बाद भारी बारिश हुई।

















