हाथरस में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अयोध्या को धार्मिक नगरी बनाने की बात करने वालों को पहले अपना इतिहास देखना चाहिए। जिस समाजवादी पार्टी की सरकार ने रामभक्तों पर गोलियां चलवाईं, राम जन्मभूमि आंदोलन का विरोध किया, कृष्ण जन्माष्टमी के आयोजनों पर रोक लगाई और कांवड़ यात्रा तक प्रतिबंधित कर दी, वह आज अयोध्या को धार्मिक नगरी बनाने की बात कर रही है।
सीएम योगी का सपा पर हमला
सीएम योगी ने कहा अखिलेश यादव का बयान पढ़कर आश्चर्य हुआ, जिसमें उन्होंने कहा था कि उनकी सरकार बनने पर अयोध्या को धार्मिक नगरी बनाया जाएगा। उन्होंने कहा, अरे, आप क्या धार्मिक नगरी बनाएंगे। पहले अपना इतिहास देखिए। आपकी ही समाजवादी पार्टी की सरकार ने रामभक्तों पर गोलियां चलाई थीं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आज अयोध्या त्रेता युग की स्मृतियों को साकार करती दिखाई दे रही है। रामभक्तों के परिश्रम और पुरुषार्थ से अयोध्या विश्वभर के श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बनी है। ऐसे में अब समाजवादी पार्टी को भी अयोध्या की याद आने लगी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि समाजवादी पार्टी की सरकार ने थानों और जेलों में होने वाले श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के कार्यक्रम तक बंद करा दिए थे। कांवड़ यात्रा पर भी प्रतिबंध लगा दिया गया था। अब हाथरस में 22 से अधिक मंदिरों का सौंदर्यीकरण कराया गया है, लेकिन यह कार्य समाजवादी सरकार में कभी संभव नहीं था। तब यही पैसा कब्रिस्तानों की बाउंड्रीवाल बनाने में खर्च होता था। हमने वही पैसा मंदिरों की ओर डायवर्ट किया है। कब्रिस्तानों की नहीं, मंदिरों की आवश्यकता है क्योंकि मंदिर हमारी आस्था के केंद्र हैं।
सीएम योगी बोले- अयोध्या को किसी प्रमाणपत्र की जरूरत नहीं
मुख्यमंत्री ने अखिलेश यादव को सलाह देते हुए कहा कि वे अयोध्या की चिंता छोड़ दें क्योंकि अयोध्या अपनी पहचान के लिए किसी की मोहताज नहीं है। अखिलेश जी, अयोध्या को रामभक्तों ने सजाया और संवारा है। आप उसकी चिंता मत करिए। पश्चाताप कर एक बार रामलला के दर्शन कर लीजिए, शायद सदबुद्धि आ जाए। सपा वास्तव में धार्मिक आस्था का सम्मान करना चाहती है तो उसे खुलकर मथुरा-वृंदावन और श्रीकृष्ण जन्मभूमि के पक्ष में बोलना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिस तरह राम जन्मभूमि मुक्ति आंदोलन चला था, उसी प्रकार श्रीकृष्ण जन्मभूमि की मुक्ति के लिए भी अभियान चलाने की बात समाजवादी पार्टी को खुलकर करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार श्रीकृष्ण जन्मभूमि आने वाले श्रद्धालुओं को सभी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए युद्धस्तर पर कार्य कर रही है। लेकिन समाजवादी पार्टी में इतनी हिम्मत नहीं है क्योंकि उसका पूरा एजेंडा केवल तुष्टिकरण की राजनीति तक सीमित है। अखिलेश जी, आपमें हिम्मत नहीं है। आप तो मुल्ला-मौलवियों के सामने घुटने टेकने के अलावा कोई ऐसा एजेंडा नहीं रखते जो प्रदेश के विकास, अयोध्या, मथुरा और काशी के उत्थान तथा उनकी पौराणिक पहचान को मजबूत करने का हो। जनता की आंखों में धूल झोंकना बंद करिए। ‘खिसियानी बिल्ली खंभा नोचे’ वाली कहावत को चरितार्थ मत करिए। अयोध्या की पहचान पूरी दुनिया में है और उसे किसी राजनीतिक दल के प्रमाणपत्र की आवश्यकता नहीं है।
सीएम योगी का सपा-कांग्रेस पर तीखा हमला
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आज वही समाजवादी पार्टी कांग्रेस के साथ खड़ी होकर मुलायम सिंह यादव की विरासत का भी अपमान कर रही है। कांग्रेस ने बाबा साहब आंबेडकर के सपनों को तोड़ने का काम किया और समाजवादी पार्टी उसी कांग्रेस के साथ खड़ी होकर उसके पापों में भागीदार बन रही है। कांग्रेस और समाजवादी पार्टी ने हमेशा वही काम किए जो समाज और राष्ट्रहित के प्रतिकूल रहे। उन्होंने जनता से ऐसे दलों से सावधान रहने की अपील करते हुए कहा कि प्रदेश का विकास, सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण और आस्था के केंद्रों का सम्मान केवल डबल इंजन सरकार में ही संभव हुआ है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 से पहले उत्तर प्रदेश की यही स्थिति थी। कौन-सा ऐसा जिला था, जहां दंगे नहीं हुए। मथुरा के जवाहरबाग की घटना, कोसीकलां के दंगे, मेरठ, अलीगढ़ और मुजफ्फरनगर के दंगे प्रदेश की पहचान बन गए थे। हर दूसरे-तीसरे महीने कर्फ्यू लगता था, व्यापार ठप हो जाता था, नौजवानों को रोजगार से हाथ धोना पड़ता था और प्रदेश की छवि पूरे देश में खराब होती थी।
सीएम योगी बोले- अब यूपी में दंगे और कर्फ्यू नहीं
सीएम योगी ने कहा कि पिछले 9 वर्षों में तस्वीर पूरी तरह बदल चुकी है। अब उत्तर प्रदेश में न दंगे होते हैं, न कर्फ्यू लगता है और न ही गुंडागर्दी बर्दाश्त की जाती है। मोहर्रम के दौरान प्रदेशभर में करीब 12 हजार जुलूस निकले, लेकिन कहीं भी दंगा, उपद्रव या कर्फ्यू जैसी स्थिति नहीं बनी। उन्होंने कहा कि पहले मोहर्रम के दौरान तलवारबाजी होती थी, ताजिए के नाम पर गरीबों की झोपड़ियां और छज्जे हटवा दिए जाते थे तथा हाईटेंशन लाइनें तक हटानी पड़ती थीं। सरकार ने व्यवस्था बनाई कि ताजियों की ऊंचाई सीमित रखी जाए, ताकि किसी गरीब का नुकसान न हो और कोई हादसा भी न हो। इसका सकारात्मक परिणाम पूरे प्रदेश ने देखा। जब कानून व्यवस्था मजबूत होती है, तभी विकास की गति तेज होती है।
















