कांग्रेस ने एक बार फिर गाज़ा चैप्टर खोल दिया है। सोनिया गांधी ने एक अखबार में लेख लिखकर गाज़ा, इजराइल और भारत की विदेश नीति का जिक्र किया है। सोनिया गांधी और कांग्रेस पार्टी द्वारा मुस्लिम वोट के लिए किये जाने वाले प्रयासों का यह एक अंग है। आगामी उत्तर प्रदेश चुनाव से पूर्व मुस्लिम मतदाताओं को अपनी और खींचने के लिए कांग्रेस पार्टी और गांधी परिवार का यह एक प्रयास है। यह भाजपा से ज्यादा समाजवादी पार्टी और अखिलेश यादव के लिए खतरे की घंटी है।
सोनिया गांधी ने मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए लिखा है कि भारत अगर संतुलित विदेश नीति बनाकर चलता तो पश्चिम एशिया में हमारी भूमिका ज्यादा प्रभावशाली होती। सोनिया गांधी ने मोदी सरकार पर आरोप लगाया कि सरकार के गलत नीतियों के कारण पश्चिम एशिया में पाकिस्तान की भूमिका बढ़ गई है। सोनिया गांधी के अनुसार भारत के दशकों तक फिलिस्तीन-ईरान से मजबूत संबंध रहे हैं, लेकिन मौजूदा सरकार की नीतियों से पूरी स्थिति बदल गई है। उन्होंने मोदी सरकार पर इजराइल की तरफ झुकाव की बात कही है। इसके चलते भारत की साख को दुनिया में नुकसान हो रहा है। सोनिया गांधी ने गाजा में इजराइल के हमलों की निंदा करते हुए गंभीर चिंता जताई और कहा कि गाजा में आम नागरिक और बच्चे मारे जा रहे हैं। मगर सोनिया गांधी की यह चिंता एकतरफा और हकीकत से आंख मूंदने जैसा है।
सोनिया के आरोप, तथ्यों से परे
सोनिया गांधी ने अपने लेख में मोदी सरकार और भाजपा पर अनर्गल और झूठे आरोप लगाए हैं। भारत हमेशा से अंतरराष्ट्रीय मंचों पर फिलिस्तीन में मानवाधिकारों की बात उठाता रहा है। भारत की विदेश नीति की पूरी दुनिया में सराहना हो रही है। विश्व के कई बड़े नेता मोदी सरकार के विदेश नीति की सराहना कर चुके हैं। सोनिया गांधी को 7 अक्टूबर 2023 को जब इजराइल पर हमला हुआ था तब भी इजरायल के पक्ष और हमास के खिलाफ एक लेख लिखना चाहिए था। बांग्लादेश में हिन्दुओं के खिलाफ होने वाले हमलों पर भी सोनिया गांधी को लेख लिखना चाहिए था। सोनिया गांधी जानबूझकर यह भूल रही हैं कि ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ईरान के मरहूम सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामनेई के सुपुर्द ए खाक में शामिल होने के लिए आधिकारिक तौर पर आमंत्रित किया था। खामेनेई 28 फरवरी,2026 को तेहरान पर अमेरिका -इजरायल के संयुक्त हवाई हमले में मारे गए थे। वर्तमान में विश्व में उथल पुथल का दौर है और किसी भी देश के लिए वर्तमान में विदेश नीति बहुत ही चुनौतीपूर्ण है। मगर इसके बावजूद भारत अपनी सबसे अच्छी विदेश निति का निर्वहन कर रहा है।
विश्व में बढ़ता भारत का सम्मान
भारत यूक्रेन और रूस के बीच जंग में अपने को दोनों से बराबरी का संवाद कर रहा है। वैसे ही भारत इजराइल और ईरान युद्ध में दोनों खेमो से लगभग बराबर का संबंध बनाकर अपनी जरूरतों को पूरा करने के साथ ही खाड़ी देशो में अपने नागरिको के जानमाल की रक्षा कर रहा है. इन प्रयासों के कारण पूरे दुनिया में भारत के प्रधानमंत्री और भारत की विदेश नीति को अच्छे दृष्टिकोण से देखा जा रहा है। सोनिया गांधी और कांग्रेस पार्टी का इकोसिस्टम प्रधानमंत्री मोदी का विश्वस्तर पर बढ़ते हुए कद के कारण परेशान हैं. इस कारण ये सभी मोदी सरकार के विदेश नीति में कमी निकालने का असफल प्रयास कर रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अब तक 32 देशों ने सबसे उच्च नागरिक सम्मान से सम्मानित किया है। फ़िलिस्तीन ने 10 फरवरी, 2018 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपना सबसे उच्चे नागरिक सम्मान से नवाज़ा था। फ़िलिस्तीनी राष्ट्रपति महमूद अब्बास ने प्रधानमंत्री मोदी को रामल्लाह की पहली ऐतिहासिक आधिकारिक यात्रा के दौरान उन्हें ग्रैंड कॉलर ऑफ द स्टेट ऑफ फ़िलिस्तीनसे सम्मानित किया था।
इजराइल भी प्रधानमंत्री मोदी का सम्मान करता है। इज़राइल की पार्लियामेंट, नेसेट ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को स्पीकर ऑफ़ द नेसेट मेडल से सम्मानित किया है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी यह सम्मान पाने वाले पहले व्यक्ति हैं। इसके अलावा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 19 अलग-अलग देशों की संसदों को संबोधित किया है। उनके भाषणों से दुनिया भर में भारत की बढ़ती हैसियत, आर्थिक असर और दुनिया भर में मजबूत कूटनीतिक रिश्तों का पता चलता है।

















