
लखनऊ । राम मंदिर के चढ़ावे में कथित हेरफेर के मामले में रमाशंकर यादव उर्फ टिन्नू को गिरफ्तार किया गया है। पूछताछ के बाद टिन्नू को जेल भेज दिया गया।
टिन्नू यादव समेत अन्य अभियुक्तों अनुकल्प मिश्र, उसका बहनोई लवकुश मिश्र, टिन्नू का भतीजा मनीष यादव, करुणेश पांडेय, रमाशंकर मिश्र, अविनाश शुक्ल और रिटायर्ड बैंककर्मी सुभाष श्रीवास्तव को भी गिरफ्तार किया गया है। इन सभी लोगों का मेडिकल कराया जा रहा है।
उल्लेखनीय है कि बृहस्पतिवार को श्रीराम मंदिर में चढ़ावे के प्रकरण में टिन्नू यादव, अनुकल्प मिश्र, अविनाश शुक्ल, मनीष यादव, रमाशंकर मिश्र, सुभाष श्रीवास्तव, करुणेश पांडेय और लवकुश मिश्र के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी।
गबन, धोखाधड़ी और आपराधिक साजिश की धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई थी। एफआईआर रामजन्मभूमि कोतवाली में दर्ज हुई थी।
राम जन्मभूमि ट्रस्ट के सदस्य कृष्ण मोहन की शिकायत पर अयोध्या थाने में बीएनएस की धारा 306, 316(5) और 317(4) के तहत एफआईआर दर्ज की गई।
बता दें कि अभी हाल ही में अयोध्या में एक कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा था कि—
“मेरी अपील होगी सभी रामभक्तों से, अयोध्या के बारे में जो समाचार पत्रों में सुनने को मिला, हम लोगों ने ट्रस्ट के अनुरोध पर एसआईटी जांच बिठाई है। मैं कह सकता हूं कि एसआईटी जांच दूध का दूध और पानी का पानी करके रहेगी।
मैं सभी पक्षों से कहूंगा कि कोई भी अनर्गल टिप्पणी और बातें न हों, जो रामभक्तों की भावनाओं को आहत करती हों।
अगर किसी के पास कोई डॉक्यूमेंट है, तो वह एसआईटी को उपलब्ध करवा दें। एसआईटी जांच करके अपना निष्कर्ष देगी।
रामभक्तों से मेरी विनम्र अपील होगी कि प्रभु राम ने हमें मर्यादा का पाठ पढ़ाया है। हमने उसी मर्यादा का पालन करते हुए 500 वर्षों तक प्रभु राम के स्थान को लेने के लिए संघर्ष किया है।
15 दिन और देख लें, इंतजार कर लें, चिंता न करें। रामजन्मभूमि को अपमानित करने वाले लोगों के बहकावे में कतई न आएं। ये लोग कभी नहीं चाहेंगे कि अयोध्या सम्मान पाए।”