उत्तराखंड में 1 जुलाई से मदरसा बोर्ड खत्म, 452 मदरसे नई शिक्षा व्यवस्था में होंगे शामिल
October 5, 2026
  • Read Ecopy
  • Circulation
  • Advertise
  • Careers
  • About Us
  • Contact Us
Android appiPhone AppArattai
Panchjanya
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
Panchjanya
panchjanya android mobile app
  • होम
  • भारत
  • विश्व
  • संघ @100
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विश्लेषण
  • मत अभिमत
  • रक्षा
  • धर्म-संस्कृति
  • पत्रिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
  • Print Edition
  • Ecopy
होम भारत उत्तराखंड

उत्तराखंड में 1 जुलाई से मदरसा बोर्ड खत्म, 452 मदरसे नई शिक्षा व्यवस्था में होंगे शामिल

उत्तराखंड में धामी सरकार ने एक जुलाई से काबलियाई शिक्षा देने वाले पांच सौ से अधिक मदरसों को बंद करने का फरमान सुना दिया है , उत्तराखंड मदरसा बोर्ड समाप्त कर दिया है।

Written byउत्तराखंड ब्यूरोउत्तराखंड ब्यूरो — edited by Mahak Singh
Jun 24, 2026, 12:46 pm IST
inउत्तराखंड
प्रतीकात्मक तस्वीर

प्रतीकात्मक तस्वीर

उत्तराखंड में धामी सरकार ने एक जुलाई से काबलियाई शिक्षा देने वाले पांच सौ से अधिक मदरसों को बंद करने का फरमान सुना दिया है , उत्तराखंड मदरसा बोर्ड समाप्त कर दिया है। अब राज्य में सभी अल्पसंख्यक समुदाय एक शिक्षा प्राधिकरण की अम्ब्रेला के नीचे पंजीकृत होकर , उत्तराखंड शिक्षा बोर्ड से संबद्धता लेंगे। यानि सभी मदरसों का पंजीकरण समाप्त हो गया है और अब उन्हें राष्ट्रीय शिक्षा की मुख्य धारा में शामिल होना होगा।

धामी सरकार ऐसा शिक्षा प्रबंधन लागू करने वाली पहली भाजपा शासित राज्य सरकार होगी जोकि सभी के लिए एक शिक्षा नीति ला रही है। मदरसों के स्थान पर प्राइमरी,माध्यमिक ,उच्चतर माध्यमिक शिक्षण संस्थान अब अल्पसंख्यक बच्चों को शिक्षा देंगे इनका स्लेवस उत्तराखंड अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण तैयार करेगा। प्राधिकरण के अध्यक्ष डॉ सुरजीत गांधी कहते है कि राष्ट्रीय पाठ्यक्रम पढ़ाना अनिवार्य है और यदि कोई विद्यालय धार्मिक शिक्षा भी देता है तो वहां क्या पढ़ाया जाएगा उसे भी प्राधिकरण ही तय करके देगा। एक जुलाई नजदीक है इसलिए मदरसा बंद होने का समय भी नजदीक है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्पष्ट कह दिया है कि एक जुलाई से मदरसा बोर्ड खत्म हो जाएगा यानि उसके अधीन सभी मदरसे भी बंद हो जाएंगे। मदरसा बोर्ड उत्तराखंड के अध्यक्ष डॉ शम्मूम कासमी भी कहते है कि धामी सरकार का ये फैसला मुस्लिम और अन्य अल्पसंख्यक समुदाय के बच्चों को आधुनिक शिक्षा प्रदान करने लिए सराहनीय है।

क्या है अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण?

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में उत्तराखण्ड मंत्रिमंडल ने “उत्तराखण्ड अल्पसंख्यक शैक्षणिक संस्थानों संबंधी मान्यता नियमावली–2026” को औपचारिक स्वीकृति प्रदान कर दी है। यह नियमावली “उत्तराखण्ड अल्पसंख्यक शिक्षा अधिनियम–2025” की धारा 19 के अंतर्गत प्राप्त नियम-निर्माण की शक्ति के आधार पर तैयार की गई है। समाज कल्याण एवं अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री श्री खजान दास ने इस निर्णय को अल्पसंख्यक समुदायों के शैक्षणिक सशक्तिकरण की दिशा में एक दूरगामी एवं महत्वपूर्ण कदम बताया है।

मदरसा बोर्ड का विघटन एवं नई व्यवस्था

उत्तराखण्ड शासन के एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक निर्णय के अंतर्गत उत्तराखण्ड मदरसा बोर्ड को 1 जुलाई 2026 से विधिवत रूप से समाप्त किया जा रहा है। इसके स्थान पर उत्तराखण्ड अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण (USAME) को समस्त अधिकार एवं दायित्व सौंपे जा रहे हैं। राज्य में 452 पंजीकृत मदरसे हैं जो अब तक उत्तराखण्ड शिक्षा बोर्ड से सम्बद्धता प्राप्त कर संचालित हो रहे थे। नई व्यवस्था के अंतर्गत इन सभी मदरसों को

प्रथम चरण- उत्तराखण्ड शिक्षा बोर्ड से विधिवत सम्बद्धता प्राप्त करनी होगी

द्वितीय चरण- तत्पश्चात् उत्तराखण्ड अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण से नई नियमावली के अंतर्गत मान्यता प्राप्त करनी होगी

यह दो-चरणीय प्रक्रिया शैक्षणिक मानकों की निरंतरता एवं संस्थागत पारदर्शिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से निर्धारित की गई है।

नियमावली की प्रमुख विशेषताएँ

मान्यता प्राप्त अल्पसंख्यक समुदाय

इस नियमावली के अंतर्गत मुस्लिम, ईसाई, सिख, बौद्ध, जैन एवं पारसी- इन छः समुदायों को अल्पसंख्यक समुदाय के रूप में मान्यता दी गई है।

ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया

संस्थानों को निर्धारित सरकारी पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन करना होगा तथा आवश्यक दस्तावेज़ एवं शुल्क जमा करना होगा। यह व्यवस्था पारदर्शिता एवं सुगमता सुनिश्चित करेगी।

मान्यता की वैधता एवं नवीनीकरण

प्रत्येक मान्यता तीन शैक्षणिक वर्षों के लिए वैध होगी। नवीनीकरण हेतु अवधि समाप्त होने से कम से कम तीन माह पूर्व आवेदन करना अनिवार्य होगा।

पात्रता मानदंड

आवेदन की समीक्षा में संस्थान की अल्पसंख्यक पहचान, भूमि स्वामित्व, वित्तीय स्थिति, स्टाफ योग्यता एवं सामाजिक सौहार्द बनाए रखने की प्रतिबद्धता का परीक्षण किया जाएगा।

प्राधिकरण (USAME) की निगरानी

प्राधिकरण प्रत्येक आवेदन की समीक्षा करेगा। आवश्यकता होने पर भौतिक निरीक्षण भी किया जा सकेगा। नियमों के उल्लंघन की स्थिति में सुनवाई का अवसर देने के पश्चात् मान्यता निरस्त करने का प्रावधान भी किया गया है।

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा-

“हमारी सरकार प्रदेश के प्रत्येक नागरिक के शैक्षणिक अधिकारों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। मदरसा बोर्ड के स्थान पर अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण की स्थापना एवं नई नियमावली से शैक्षणिक संस्थानों के संचालन में पारदर्शिता, जवाबदेही एवं गुणवत्ता सुनिश्चित होगी। यह निर्णय समावेशी एवं आधुनिक शिक्षा व्यवस्था की दिशा में एक सुदृढ़ कदम है।”

समाज कल्याण एवं अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री खजान दास ने कहा-

“452 पंजीकृत मदरसों को नई व्यवस्था के अंतर्गत लाना एक सुव्यवस्थित एवं ऐतिहासिक सुधार है। अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण न केवल इन संस्थानों को कानूनी संरक्षण प्रदान करेगा, अपितु शिक्षा की गुणवत्ता एवं सामाजिक सौहार्द को भी सुदृढ़ करेगा। राज्य सरकार सभी समुदायों के समग्र विकास हेतु सदैव तत्पर है।”

Topics: Uttarakhand education reformuttarakhand madarsa boardUSAMEUttarakhand Madarsa NewsMadarsa Recognition Rules 2026Uttarakhand Education BoardCM Pushkar Singh DhamiUttarakhand Minority Education Authority
Share
Tweet
SendShareSend
Subscribe Panchjanya YouTube Channel
Download Panchjanya mobile apps: Google Play Store  / App Store

संबंधित समाचार

Rampur Tiraha Kand CM Pushkar Singh Dhami Tributes Uttarakhand State Activists Statue Panchjanya

रामपुर तिराहा सभा में CM धामी का बड़ा ऐलान: गांवों में लगेंगी आंदोलनकारियों की मूर्तियां, ई-लाइब्रेरी का होगा निर्माण!

Uttarakhand Religious Tourism Record Pilgrims Badrinath Kedarnath Kainchi Dham CM Dhami Panchjanya

देवभूमि में टूटा रिकॉर्ड: उत्तराखंड में 1.16 करोड़ से अधिक पहुंचे श्रद्धालु, CM धामी बोले- अर्थव्यवस्था को मिली ताकत!

wildlife week 2026 cm dhami dehradun 18 bravery award

उत्तराखंड में वन्यजीव सप्ताह 2026 का आगाज: CM धामी ने 18 वीरों को दिया सम्मान, मुआवजे की राशि बढ़कर ₹10 लाख हुई!

बद्रीनाथ धाम में टूटा ऑल टाइम रिकॉर्ड: पहली बार पहुंचे 17.79 लाख से अधिक श्रद्धालु; बना नया कीर्तिमान!

प्रतीकात्मक तस्वीर

उत्तराखंड के शहरों का होगा कायाकल्प! 98 मास्टर प्लान तैयार, जानिए किन शहरों को मिलेगा फायदा

NEET UG Fake Certificate CM Pushkar Singh Dhami Uttarakhand Medical Admission Panchjanya

NEET UG में फर्जीवाड़े पर CM धामी सख्त: 8 अभ्यर्थियों के प्रमाण पत्र निरस्त, होगी कड़ी कानूनी कार्रवाई!

Load More

ताज़ा समाचार

बैंकॉक में संस्कृत सम्मेलन में ज्योत्सना बंसल की पुस्तक का भी लोकार्पण किया गया।

बैंकॉक में गूंजी भारतीय ज्ञान परंपरा: ‘तर्कन्यूमरो’ के जरिए ज्योत्स्ना बंसल ने वैश्विक मंच पर रचा इतिहास

लखनऊ में बाढ़ और राहत अभियान का जायजा लेते अधिकारी

लखनऊ के बाढ़ प्रभावित इलाकों में युद्धस्तर पर राहत अभियान, डीएम ने संभाली कमान

आदि रंगोत्सव में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू

जनजातीय संस्कृति, परंपरा और गौरव का उत्सव बना उत्तराखंड आदि रंगोत्सव

Ashok Singhal Tribute Hukkeri Karnataka

“अशोक सिंहल का त्याग व सेवा पथ सदैव प्रेरणादायी”: कर्नाटक के हुकेरी में संतों के सानिध्य में गूंजा रामभक्ति का संदेश

भारतीय रेलवे (प्रतीकात्मक चित्र)

कुम्भ से पहले हरिद्वार को तीन नयी रेल सेवाएं, बांद्रा टर्मिनस–दिल्ली सराय रोहिल्ला गरीब रथ का हरिद्वार तक विस्तार

भदोही के कारपेट एक्सपो मार्ट में महिला कारीगरों से बात करते मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ।

भदोही जिले का नाम बदलेगा, फिर से होगा संत रविदास नगर, सीएम योगी ने की घोषणा

RSS Massive Cleanliness Campaign Varanasi Kashi Prant Krishna Mohan Volunteers

स्वच्छता संस्कार और नागरिक कर्तव्य”: वाराणसी में RSS का वृहद स्वच्छता अभियान; शाखाओं पर स्वयंसेवकों ने किया श्रमदान

प्रतीकात्मक चित्र

पंजाब को दहलाने की पाकिस्तानी साजिश नाकाम, AK 47, कारतूस और हैंड ग्रेनेड बरामद

हरिद्वार में नशे के खिलाफ निकाली गई विशाल रैली

हरिद्वार : नशे के खिलाफ गूंजा ‘व्यसन छोड़ें-सृजन से जुड़ें’ का संदेश

जनजातीय कल्याण केंद्र महाकोशल को 11वां ‘संत ईश्वर सम्मान’: उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने किया सम्मानित

Load More
  • Privacy
  • Terms
  • Cookie Policy
  • Refund and Cancellation
  • Delivery and Shipping

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies

  • Search Panchjanya
  • होम
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • सामाजिक समरसता
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • पर्यावरण
      • नागरिक कर्तव्य
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विभाजन-विभीषिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
    • सुशासन संवाद
    • सागर मंथन
    • मुंबई संकल्प
    • अष्टायाम
    • गुरुकुलम
    • साबरमती संवाद
    • आधार इन्फ्रा
  • वेब स्टोरी
  • ऑपरेशन सिंदूर
  • विश्लेषण
  • लव जिहाद
  • खेल
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म-संस्कृति
  • पर्यावरण
  • बिजनेस
  • साक्षात्कार
  • शिक्षा
  • रक्षा
  • कला-साहित्य
    • पुस्तकें
    • पुस्तक समीक्षा
  • सोशल मीडिया
  • विज्ञान और तकनीक
  • मत अभिमत
  • श्रद्धांजलि
  • संविधान
  • आजादी का अमृत महोत्सव
  • पॉडकास्ट
  • पत्रिका
  • हमारे लेखक
  • Read Ecopy
  • प्रसार विभाग – Circulation
  • About Us
  • Contact Us
  • Careers @ BPDL
  • Advertise
  • Privacy Policy

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies