नई दिल्ली: ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने इस्तीफा दे दिया है। उनके इस्तीफे से वामपंथी दल लेबर पार्टी में सियासी घमासान मचा है। पार्टी के राजनीतिक अंतर्कलह और सहयोगियों के दबाव के कारण कीर को अपना पद छोड़ना पड़ा। उनके इस्तीफे के साथ ही ब्रिटेन में एक दशक के भीतर छह प्रधानमंत्री बदल चुके हैं। कुछ दिनों के बाद ब्रिटेन को उसका सातवां प्रधानमंत्री मिलेगा। कीर के कारण ही साल 2024 में लेबर पार्टी जबरदस्त जीत मिली थी। आइए जानते हैं कि क्यों कीर स्टार्मर को अपने पद से इस्तीफा देना पड़ा?
आर्थिक संकट और विवादित फैसले
स्टार्मर के नेतृत्व में इंग्लैंड, वेल्स और स्कॉटलैंड के स्थानीय और क्षेत्रीय चुनावों में लेबर पार्टी को भारी नुकसान हुआ और उन्होंने कई सीटें गंवाई। पार्टी को लगा कि उनके पारंपरिक श्रमिक वर्ग के मतदाता अब उनका साथ छोड़ रहे हैं। इसके साथ ही ब्रिटेन में आर्थिक संकट गहराता जा रहा था जिसका ठीकरा भी कीर की नीतियों पर ही फोड़ा गया। उनके सत्ता में आने से जनता को अर्थव्यवस्था और सार्वजनिक सेवाओं में सुधार की उम्मीदें थीं। पश्चिम एशिया लगातार युद्ध की चपेट में रहा जिस कारण महंगाई बढ़ती गई और जनता के बीच निराशा पनपनती गई। कीर की नेतृत्व वाली सरकार जनता को आर्थिक राहत देने में नाकाम रही। जिस कारण पार्टी के भीतर और बाहर कीर आलोचनाओं के शिकार होने लगे।
कीर स्टार्मर के कार्यकाल के दौरान कई विवादित फैसले लिये गए। जिनमें शीतकालीन ईंधन भत्ते में कटौती प्रमुख रहा और इस कारण उन्हें जनता का भारी आक्रोश झेलना पड़ा। यौन अपराधी पीटर मैंडेलसन को अमेरिका में ब्रिटेन का राजदूत नियुक्त करने के उनके फैसले की काफी आलोचना हुई और उन पर भी गंभीर आरोप लगे। उनकी ही पार्टी के नेताओं ने बड़ी तादाद में इस्तीफे दिया और उनकी आलोचना की। स्वास्थ्य मंत्री वेस स्ट्रीटिंग, रक्षा मंत्री जॉन हीली, सुरक्षा मंत्री जेस फिलिप्स और अल कार्न्स जैसे प्रमुख नेताओं ने कीर के नेतृत्व से नाखुशी जाहिर की और इस्तीफे दे दिये। इससे भी कीर की लोकप्रियता को नुकसान पहुंचा और उनके प्रति पार्टी के भीतर आक्रोश बढ़ता गया।
ब्रिटेन में बड़ा सियासी उलटफेर, PM कीर स्टार्मर ने दिया इस्तीफा
एंडी बर्नहैम का मजबूत विकल्प के तौर पर उभरना
लेबर पार्टी के नेता और पूर्व ग्रेटर मैनचेस्टर मेयर एंडी बर्नहैम को कीर के मजबूत विकल्प के रूप में देखा जाने लगा। उन्होंने मेकरफील्ड उपचुनाव में रिफॉर्म यूके के उम्मीदवार को करीब 9,000 वोटों के भारी अंतर से हराया था। इसके बाद लेबर पार्टी में उनकी लोकप्रियता बढ़ी और कीर से ज्यादा पार्टी उनको उम्मीद के तौर पर देखने लगी। पार्टी के कई सांसद मानने लगे कि साल 2029 के चुनावों में नाइजल फराज की पार्टी का सामना कीर स्टार्मर की जगह बर्नहैम कर सकते हैं। अपने प्रति पनपने वाले विरोध को दरकिनार कर पहले कीर स्टार्मर ने पद छोड़ने से मना कर दिया लेकिन जब पार्टी के भीतर काफी दबाव बढ़ तो आखिर में उन्होंने इस्तीफा दे ही दिया।
कीर स्टार्मर के इस्तीफे के बाद अब आगे क्या?
स्टार्मर अभी नये प्रधानमंत्री के बनने तक कार्यवाहक पीएम बने रहेंगे। लेबर पार्टी अब पार्टी की नेशनल एग्जीक्यूटिव कमेटी की सलाह लेने के बाद मंत्रिमंडल के ही किसी सदस्य को कार्यवाहक प्रधानमंत्री के रूप में नियुक्त कर सकती है। या फिर स्टार्मर नए नेता के चुनाव की प्रक्रिया पूरी होने तक अंतरिम समय के लिए प्रधानमंत्री पद पर बने रहने की पेशकश कर सकते हैं। अभी लेबर पार्टी के पास पूर्ण बहुमत है इसलिए आम चुनाव कराने की अभी जरूरत नहीं होगी। लेबर पार्टी के पास बहुमत होने के कारण जो नया नेता चुना जाएगा वो ब्रिटेन का नया पीएम होगा। प्रधानमंत्री पद की रेस में एंडी बर्नहैम को प्रमुख चेहरे के रूप में देखा जा रहा है। इसके साथ ही स्वास्थ्य मंत्री रहे स्ट्रीटिंग भी इस रेस में शामिल है। पीएम पद की रेस में पूर्व उप-प्रधानमंत्री एंजेला रेनर का नाम भी सामने आ रहा है।











