राहुल गाँधी द्वारा नीट के परीक्षार्थियों को परीक्षा के तुरंत पहले अफवाह फैला कर गलत दिशा में मोड़ने का प्रयास करना बेहद निन्दनीय कदम है। राहुल गांधी के इस अफवाह के कारण अप्रिय घटना हो सकती थी। इस परीक्षा के लिए सरकार की तरफ से बहुत ज्यादा तैयारियां की गई हैं। मगर राहुल गांधी ने पहले ही सरकार पर हमला करना शुरू कर दिया है और उनकी तैयारियों पर भी सवाल उठाए है।
राहुल गांधी को यह मौका इस कारण मिल गया क्योंकि एक छात्र का परीक्षा केंद्र अबू धाबी में दिख गया था। इस कारण राहुल गांधी ने शिक्षा मंत्रालय और NTA की तैयारियों पर सवाल उठाने का मौका बना लिया।
राहुल गांधी के झूठ पर सरकार का जबाव
सरकार ने राहुल गांधी पर पलटवार करते हुए उनके दावों को बिल्कुल असत्यापित करार दिया। सरकार ने आरोप लगाया कि गांधी ने बेवजह देश में अराजकता फैलाने का प्रयास किया है। अब सवाल उठता है कि जब नीट के परीक्षार्थी अपने केन्द्रों की ओर कूच करने के लिए तैयारी कर रहे हैं तो उनके बीच राहुल गांधी गलत जानकारी फैलाकर क्या उनसे हिंसा करवाने का प्रयास कर रहे हैं? हाल ही में पटना के पाटलिपुत्र रेलवे स्टेशन पर बिहार पुलिस मद्य निषेध कांस्टेबल के परीक्षार्थियों के एक झुंड ने गलत जानकारी और अफवाह के कारण दंगा फसाद करते हुए सरकारी संपत्ति को क्षति पहुंचाया था। क्या राहुल गांधी नीट के परीक्षार्थी से भी ऐसा ही करवाना चाहते हैं?
छात्रों में घबराहट फैलाने की कोशिश कर रहे राहुल गांधी
राहुल गाँधी हर मामले में राजनीति ढूंढ़ते हैं और एक छात्र के परीक्षा केंद्र के झूठे मामले को लेकर बड़ी संख्या में उम्मीदवारों के बीच यह घबराहट पैदा कर रहे हैं। राहुल गाँधी इस तरह की हरकतें करके छात्रों के आत्मविश्वास को तोड़ने का काम कर रहे हैं। NTA ने छात्र के हित में तुरंत कार्रवाई करते हुए उसके पिता से सम्पर्क साधा और उसका केंद्र नागपुर कर दिया था। 99.95% स्टूडेंट्स को अपनी पसंद का सेंटर मिला है। यह सिर्फ़ एक तकनीकी मामला था।
वायुसेना तक की मदद ले रही सरकार
सरकार इस परीक्षा को करवाने के लिए भारतीय वायुसेना की भी सेवा ले रही है। राहुल गांधी को हर विद्यार्थी को भरोसा दिलाना चाहिए था कि हम इस समय आपके साथ हैं। अभी का समय का राजनीति से अलग बच्चों के भविष्य को सवारने का है।
















