भारत न सिर्फ दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था है, बल्कि देश में अमीरों की संख्या में भी तेजी से बढ़ोतरी हो रही है। एक रिपोर्ट में कहा गया है कि 2030 तक देश में ऐसे 26,000 परिवार हो जाएंगे, जिनकी संपत्ति 3 करोड़ डॉलर यानी करीब 250 करोड़ रुपये से ज्यादा होगी।
फैमिली ऑफिस का बढ़ता दायरा
मुंबई में हुई एक रिपोर्ट लॉन्च इवेंट में ये आंकड़े सामने आए हैं। रिपोर्ट का नाम है ‘द इंडियन फिमिली ऑफिसेस रिपोर्ट-26’। इस रिपोर्ट को इकोनॉमिक टाइम्स और 1लैटिस ने मिलकर तैयार किया है। इसके अनुसार, देश में फैमिली ऑफिस की संख्या 300 से ज्यादा हो चुकी है। ये ऑफिस कुल मिलाकर 30 बिलियन डॉलर यानी करीब 2.5 लाख करोड़ रुपये की संपत्ति संभाल रहे हैं। अमेरिका और चीन के बाद भारत ही सबसे तेजी से नए अल्ट्रा हाई नेट वर्थ लोगों को जोड़ रहा है।
2030 तक कितना बढ़ेगा?
रिपोर्ट कहती है कि 2025 में ऐसे हाई नेट वर्थ परिवारों की संख्या 16,000 के आसपास थी, जो 2030 तक बढ़कर 26,000 हो जाएगी। साथ ही अगले दस साल में पीढ़ी दर पीढ़ी संपत्ति का हस्तांतरण 1.3 से 1.5 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच सकता है।
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फैमिली ऑफिस क्या करते हैं?
फैमिली ऑफिस परिवारों की संपत्ति को संभालने, जोखिम कम करने और उनके विजन के हिसाब से प्लान बनाने में मदद करते हैं। ये एक प्राइवेट जगह देते हैं जहां परिवार अपने सारे मामलों को आराम से मैनेज कर सके। साथ ही ये एक्टिव तरीके से नई संपत्ति बनाने और विदेशी निवेश में भी मदद करते हैं।
नई पीढ़ी की भूमिका
अब फैमिली ऑफिस में बदलाव आ रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, 50% से ज्यादा भारतीय फैमिली ऑफिस में मिलेनियल या जेन Z सदस्य निवेश के फैसले में शामिल हो रहे हैं। इनमें से करीब 30% नई पीढ़ी के निवेशक स्टार्टअप्स में पैसा लगाना पसंद करते हैं, खासकर हेल्थ टेक, फिनटेक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में। जबकि पहले की पीढ़ी ज्यादातर बिजनेस चलाने में लगी रहती थी, लेकिन नई पीढ़ी के लिए धन प्रबंधन अब मुख्य फोकस बन गया है।











