NEET UG पेपर लीक के बाद एक बार फिर से आज (21 जून 2026) दोबारा से परीक्षा होने जा रही है। पेपर लीक के विवाद के बाद एनटीए ने यह परीक्षा दोबारा आयोजित करने का फैसला लिया था। देश के 564 शहरों में यह परीक्षा चल रही है। इसमें देश-विदेश के केंद्रों को मिलाकर कुल 22.79 लाख से ज्यादा छात्र-छात्राएं शामिल हो रहे हैं। खास बात ये है कि इस बार सरकार ने परीक्षा केंद्रों में पेपर पहुंचाने के लिए भारतीय वायुसेना की मदद ली है।
वायुसेना की पहली बार मदद
इस परीक्षा में पहली बार भारतीय वायुसेना ने पेपर पहुंचाने की जिम्मेदारी संभाली है। एयरफोर्स के हेलिकॉप्टर और विमानों ने 200 से ज्यादा उड़ानें भरीं और प्रश्नपत्रों को देश भर के स्ट्रॉन्ग रूम और परीक्षा केंद्रों तक सुरक्षित पहुंचाया। पूरे देश में 2 लाख से ज्यादा सुरक्षा कर्मी और परीक्षा स्टाफ तैनात किए गए हैं। कुल मिलाकर तीन लाख से अधिक लोग इस आयोजन में लगे हुए हैं। परीक्षा अंग्रेजी और हिंदी के अलावा कुल 12 भारतीय भाषाओं में हो रही है।
परीक्षा का समय और रिपोर्टिंग
एनटीए ने इस बार परीक्षा की अवधि 15 मिनट बढ़ा दी है। अब परीक्षा तीन घंटे 15 मिनट की होगी। इसकी शुरुआत दोपहर 2 से शाम 5:15 बजे तक होगी। इसके अलावा छात्रों को सुबह 11 बजे से दोपहर 1:30 बजे तक ही परीक्षा केंद्र में एंट्री दी जाएगी। 1:30 बजे के बाद गेट बंद हो जाएगा और किसी को भी अंदर नहीं आने दिया जाएगा।
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छात्रों को क्या-क्या ले जाना है
एनटीए ने साफ-साफ बताया है कि हर छात्र को तीन चीजें जरूर साथ लानी हैं:
- आधिकारिक वेबसाइट से डाउनलोड किया हुआ एडमिट कार्ड
- कोई फोटो वाला पहचान पत्र (आधार, पैन कार्ड, वोटर आईडी आदि)
- दो पासपोर्ट साइज फोटो
- ड्रेस कोड: हल्के रंग की आधी बाजू वाली शर्ट या टी-शर्ट, साधारण पैंट या ट्राउजर। जूते की जगह सिर्फ साधारण चप्पल या सैंडल पहनकर आएं।
गर्मी और अन्य इंतजाम
गर्मी के मौसम को ध्यान में रखते हुए केंद्रों पर पीने का पानी, बिजली, पंखे और अभिभावकों के लिए बाहर बैठने की व्यवस्था की गई है।
सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
- प्रश्नपत्र बनाने वाली टीम को परीक्षा तक क्वारंटाइन रखा गया।
- पेपर एनटीए के 18 रीजनल सेंटर्स तक वायुसेना और डाक विभाग की मदद से पहुंचाए गए।
- हर परीक्षा केंद्र पर लोकल पुलिस के साथ केंद्रीय बल तैनात।
- डीएम और एसपी को केंद्रों पर खुद मौजूद रहने के निर्देश।
- साइबर कमांडो भी दुष्प्रचार और गड़बड़ियों पर नजर रख रहे हैं।
- परीक्षा 95 हजार से ज्यादा कमरों में हो रही है।
- हर कमरे में कम से कम एक CCTV, कुल 1.38 लाख से ज्यादा कैमरे लगाए गए।
- CCTV की लाइव फीडिंग राष्ट्रीय, राज्य और मंत्रालय स्तर पर मॉनिटर की जा रही है।











