शामली (उत्तर प्रदेश)। उत्तर प्रदेश के शामली जनपद से गोवंश संरक्षण कानून के उल्लंघन का एक गंभीर मामला सामने आया है। यहाँ एक शादी के वलीमे (रिसेप्शन) की दावत में प्रतिबंधित मांस (बीफ) परोसे जाने की शिकायत मिलने पर पुलिस ने त्वरित और कड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने इस मामले में दूल्हे, उसके सगे मामा और बैंक्वेट हॉल के मालिक को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया है।
इसके साथ ही पुलिस ने मौके से प्रतिबंधित मांस और उसे ढोने में इस्तेमाल की गई एक महंगी एसयूवी (SUV) कार को भी जब्त कर लिया है।
गोवध निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई
पुलिस प्रशासन ने इस पूरे मामले में उत्तर प्रदेश गोवध निवारण अधिनियम की गंभीर धाराओं के अंतर्गत मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की है। इस घटनाक्रम और पुलिसिया कार्रवाई का पूरा विवरण नीचे दी गई तालिका में स्पष्ट है-
| मामले का आयाम | प्रशासनिक एवं विधिक विवरण |
|---|---|
| गिरफ्तार मुख्य अभियुक्त | 1. फरमान (दूल्हा), 2. सलमान (दूल्हे का मामा), 3. अनीस (बैंक्वेट हॉल मालिक) |
| घटना स्थल (वेन्यू) | मुगल बैंक्वेट हॉल, शामली जनपद (उत्तर प्रदेश) |
| जब्त की गई संपत्तियां | प्रतिबंधित मांस (बीफ) एवं परिवहन में प्रयुक्त एक एसयूवी (SUV) कार |
| लागू विधिक कानून | उत्तर प्रदेश गोवध निवारण अधिनियम |
शादी में उपहार में मिली कार का प्रतिबंधित मांस ढोने में हुआ उपयोग
स्थानीय पुलिस और खुफिया सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, मुख्य अभियुक्त फरमान का निकाह गत 1 जून को संपन्न हुआ था। इसके बाद गत 18 जून को उसके वलीमे (शादी की दावत) का एक बड़ा कार्यक्रम शामली के ‘मुगल बैंक्वेट हॉल’ में आयोजित किया गया था।
“जांच में यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है कि दूल्हे फरमान को उसकी शादी में एक महंगी एसयूवी (SUV) गाड़ी उपहार (दहेज/गिफ्ट) के रूप में मिली थी। आरोपियों ने कानून की आंखों में धूल झोंकने के लिए इसी नई चमचमाती गाड़ी का इस्तेमाल प्रतिबंधित मांस (बीफ) को चोरी-छिपे बैंक्वेट हॉल तक लाने के लिए किया था। यही कारण है कि पुलिस ने अपराध में प्रयुक्त होने के चलते उक्त वाहन को भी तुरंत सीज कर दिया।”
दावत में शामिल अन्य संदिग्धों की तलाश में जुटी पुलिस
शामली पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, गुप्त सूचना के आधार पर जब पुलिस टीम ने बैंक्वेट हॉल में छापेमारी की, तो वहां अवैध मांस परोसे जाने की पुष्टि हुई। इसके बाद बिना कोई समय गंवाए मुख्य साजिशकर्ताओं को दबोच लिया गया।
पुलिस को इस बात की भी प्रबल आशंका है कि इस प्रतिबंधित मांस की दावत के आयोजन और इसे जुटाने में कुछ अन्य स्थानीय असामाजिक तत्व या सप्लायर भी शामिल हो सकते हैं। पुलिस की विशेष टीमें ऐसे सभी संदिग्ध लोगों को चिन्हित कर रही हैं और उनकी तलाश में लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। जिला प्रशासन ने साफ कर दिया है कि उत्तर प्रदेश में गोवंश की सुरक्षा और कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वाले किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा।











