
17 जून का पंचांग
भारतीय वैदिक ज्योतिष में पंचांग का विशेष महत्व माना गया है। यह केवल तिथि, वार और नक्षत्र का विवरण ही नहीं देता, बल्कि दिनभर की ग्रह-स्थितियों, शुभ-अशुभ योगों तथा समय की सूक्ष्म ऊर्जा का भी दर्पण होता है। 17 जून 2026, बुधवार का यह पंचांग ज्येष्ठ शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि का विवरण प्रस्तुत करता है।
आज सूर्य, चंद्रमा और बुध मिथुन राशि में स्थित होकर बुद्धि, संवाद और ज्ञान के क्षेत्र को विशेष रूप से प्रभावित कर रहे हैं। गुरु एवं शुक्र कर्क राशि में स्थित होकर सौम्यता, संवेदनशीलता तथा पारिवारिक सुख की वृद्धि का संकेत दे रहे हैं। पुनर्वसु नक्षत्र एवं ध्रुव योग का संयोग दिन को स्थिरता, प्रगति और शुभ कार्यों के लिए अनुकूल बनाता है। इस पंचांग में ग्रहों की स्थिति, लग्नारंभ समय, तिथि, नक्षत्र, योग, करण तथा अन्य महत्वपूर्ण ज्योतिषीय विवरण दिए गए हैं, जो दैनिक जीवन, धार्मिक अनुष्ठानों एवं शुभ कार्यों के लिए मार्गदर्शन प्रदान करते हैं।
ग्रह स्थिति