भारतीय वैदिक ज्योतिष में पंचांग का विशेष महत्व माना गया है। यह केवल तिथि, वार और नक्षत्र का विवरण ही नहीं देता, बल्कि दिनभर की ग्रह-स्थितियों, शुभ-अशुभ योगों तथा समय की सूक्ष्म ऊर्जा का भी दर्पण होता है। 17 जून 2026, बुधवार का यह पंचांग ज्येष्ठ शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि का विवरण प्रस्तुत करता है।
आज सूर्य, चंद्रमा और बुध मिथुन राशि में स्थित होकर बुद्धि, संवाद और ज्ञान के क्षेत्र को विशेष रूप से प्रभावित कर रहे हैं। गुरु एवं शुक्र कर्क राशि में स्थित होकर सौम्यता, संवेदनशीलता तथा पारिवारिक सुख की वृद्धि का संकेत दे रहे हैं। पुनर्वसु नक्षत्र एवं ध्रुव योग का संयोग दिन को स्थिरता, प्रगति और शुभ कार्यों के लिए अनुकूल बनाता है। इस पंचांग में ग्रहों की स्थिति, लग्नारंभ समय, तिथि, नक्षत्र, योग, करण तथा अन्य महत्वपूर्ण ज्योतिषीय विवरण दिए गए हैं, जो दैनिक जीवन, धार्मिक अनुष्ठानों एवं शुभ कार्यों के लिए मार्गदर्शन प्रदान करते हैं।
17 जून 2026 को सूर्योदय के समय की ग्रह स्थिति
ग्रह स्थिति
- सूर्य मिथुन में
- चंद्र मिथुन में
- मंगल मेष में
- बुध मिथुन में
- गुरु कर्क में
- शुक्र कर्क में
- शनि मीन में
- राहु कुंभ में
- केतु सिंह में
- लग्नारंभ समय
- मिथुन 05.07 बजे से
- कर्क 07.25 बजे से
- सिंह 09.41 बजे से
- कन्या 11.53 बजे से
- तुला 14.04 बजे से
- वृश्चिक 16.18 बजे से
- धनु 18.34 बजे से
- मकर 20.39 बजे से
- कुंभ 22.26 बजे से
- मीन 23.59 बजे से
- मेष 01.29 बजे से
- वृष 03.09 बजे से
- बुधवार 2026 वर्ष का 168वां दिन
- दिशाशूल उत्तर ऋतु वर्षा।
- विक्रम संवत् 2083
- शक संवत् 1948
- मास ज्येष्ठ पक्ष शुक्ल
- तिथि तृतीया 21.39 बजे को समाप्त।
- नक्षत्र पुनर्वसु 13.37 बजे को समाप्त।
- योग ध्रुव 20.51 बजे को समाप्त।
- करण तैतिल 11.12 बजे तदनन्तर गर 21.39 बजे को समाप्त।
- चन्द्रायु 1.9 घण्टे
- रवि क्रान्ति उत्तर 230 22Ó
- सूर्य उत्तरायन













