स्वतंत्रता दिवस को लेकर पंजाब सरकार की उस समय सांसें फूलती दिखी जब ओवरडोज से मरे युवक के परिजनों व गांव के लोगोंं ने युवक का शव स्वतंत्रता दिवस समारोह में लाने की धमकी दे डाली। गांव के लोगों का आरोप है कि पंजाब में नशा जानलेवा समस्या बन चुकी है और सरकार इसको लेकर अपनी पीठ थपथपाती नहीं अघा रही।
क्या है मामला?
हुआ यूं कि लुधियाना के हलवारा में 18 साल के युवक की नशे की ओवरडोज से मौत हो गई। मृतक की पहचान तरनप्रीत सिंह निवासी गांव गुज्जरवाल के तौर पर हुई है। युवक दो दिन से लापता था और बुधवार को उसका शव गांव के खेल स्टेडियम में मिला है। युवक की मौत के बाद गुस्साए परिजनों ने पुलिस, जिला प्रशासन और सरकार के खिलाफ रोष जताया है। परिवार का आरोप है कि सरेआम बिक रहे चिट्टे की वजह से उनके बेटे की मौत हुई है।
नशे से बेटे की मौत से आक्रोशित परिजन
हलवारा के गांव गुज्जरवाल में मृतक युवक का परिवार बेटे की मौत पर इंसाफ की मांग को लेकर सडक़ों पर उतर आया है। परिवार ने बेटे का संस्कार करने से भी मना कर दिया है और शव के साथ स्वतंत्रता दिवस पर आयोजित किए जाने वाले सरकारी समारोह में आने की चेतावनी दी है। जोधां पुलिस ने फजीहत से बचने के लिए तत्काल शव का पोस्टमार्टम करवा दिया, ताकि जल्द से जल्द अंतिम सस्कार हो सके, लेकिन परिवार ने तरनप्रीत को नशा बेचने वालों की गिरफ्तारी तक अंतिम सस्कार से इनकार कर दिया है। परिवार ने गांव वासियों, पंचायत सदस्यों और किसान जत्थेबंदियों के साथ मिलकर धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया है। पुलिस और पंजाब सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की।
पिता ने कहा-बेटा हो गया था चिट्टे का आदी
मृतक के पिता गुरदीप सिंह ने बताया कि उनका बेटा तरनप्रीत नशा तस्करों के चंगुल में फंस कर चिट्टे का आदि हो चुका था। 11 अगस्त को घर से निकला तरनप्रीत वापस नहीं लौटा और बुधवार को उसका शव मिलने से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। उन्होंने तरनप्रीत की सभी संभावी ठिकानों पर तलाश करते हुए उक्त नशा तस्करों से भी पूछताछ की लेकिन वे साफ मुकर गए। उन्होंने आरोप लगाया कि जोधां थाना पुलिस को सूचना देने के बावजूद दोषियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है।
सरपंच हरदीप सिंह गुजवाल, पंच बलतेज सिंह, पंच मनवीर सिंह, पंच करमजीत कौर, पंच हरसिमरन कौर, बलदीप सिंह बल्ली, पंच सतपाल कौर, रणजीत सिंह काका, बलजीत सिंह बीता, पूर्व पंच उपिंदरजीत सिंह विक्की, बाई मंजीत सिंह, अमरप्रीत सिंह गुज्जरवाल, पूर्व सरपंच लखविंदर सिंह, पूर्व सरपंच कुलदीप सिंह, जत्थेदार जगरूप सिंह, तारा सिंह गुज्जरवाल, निर्मल सिंह, भारतीय किसान यूनियन एकता (उगराहां) के नेता कुलदीप सिंह सिंह गुज्जरवाल, जम्हूरी किसान सभा पंजाब के नेता हरनेक सिंह गुज्जरवाल, कमलजीत सिंह, गुरिंदर सिंह लक्की, जसवंत सिंह आदि मौजूद थे।

















