नई दिल्ली: पश्चिम एशिया में लंबे समय से जारी तनाव अब खत्म हो गया है। अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते पर सहमति बन गई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इसकी घोषणा की है। कई देशों ने इस समझौते का स्वागत किया है। ईरान के कानूनी और अंतरराष्ट्रीय मामलों के उप विदेश मंत्री काजम गरीबाबादी ने अमेरिका के साथ शांति समझौते की पुष्टि कर दी है। इस खबर का असर दुनियाभर के शेयर बाजारों में हुआ है। भारतीय शेयर बाजार में भी बढ़ोतरी देखी गई।
कच्चे तेल की कीमतों में भारी गिरावट दर्ज
वहीं, अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार में बड़ी गिरावट दर्ज की गई। खाड़ी क्षेत्र में तनाव कम होने के संकेत का सीधा असर कच्चे तेल की कीमतों पर दिखाई दिया। रविवार को वैश्विक बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड की कीमत करीब 3.9 प्रतिशत गिरकर 84 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गई। अमेरिकी क्रूड (WTI) में 4.8 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई और इसकी कीमत लगभग 81 डॉलर प्रति बैरल रह गई। वहीं सोमवार 15 जून 2026 को कच्चे तेल की कीमतों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई। आज सुबह 6.10 बजे WTI क्रूड ऑयल की कीमत 4.73% फिसलकर 80.86 डॉलर प्रति बैरल पर आ गई। ब्रेंट कच्चे तेल की कीमत 4.05% की गिरावट के बाद 83.08 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया।
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होर्मुज से अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी हटी
बता दें कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि इस्लामिक गणराज्य ईरान के साथ समझौता पूरी तरह संपन्न हो चुका है। उन्होंने कहा कि अब अमेरिका की ओर से नौसैनिक नाकेबंदी को तुरंत प्रभाव से हटा दिया जाएगा। इसके साथ ही उन्होंने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को पूरी तरह से मुक्त करने की घोषणा की है। अब होर्मुज से अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी हट गई है। बता दें कि कई देशों ने अमेरिका और ईरान के बीच के शांति समझौते का स्वागत किया है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने बताया कि इस ऐतिहासिक समझौते पर औपचारिक हस्ताक्षर समारोह 19 जून को स्विट्जरलैंड में आयोजित किया जाएगा। संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने भी अमेरिका और ईरान के बीच हुए शांति समझौते का स्वागत किया है। उन्होंने इसे संघर्ष के तत्काल और स्थायी समाधान की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया है।
US-ईरान के बीच 14 बिंदुओं पर समझौता, ईरान पर नहीं लगेगा कोई प्रतिबंध
ईरान के सरकारी मीडिया ने अमेरिका और ईरान के बीच 14 बिंदुओं वाले एक समझौता ज्ञापन (मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग, MoU) के मसौदे की जानकारी दी है। जिसमें बताया गया है कि इस शांति समझौते के तहत लेबनान समेत सभी मोर्चों पर स्थायी युद्धविराम होगा। अमेरिका ईरान के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप नहीं करेगा। 30 दिनों के भीतर होर्मुज में अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी हटाई जाएगी। अमेरिका अपनी सेनाएं ईरान से वापस बुलाएगा। इस शांति समझौते के तहत 30 दिनों के भीतर “ईरान की व्यवस्था” के तहत होर्मुज जलडमरूमध्य फिर से खोला जाएगा। अमेरिका ईरानी तेल और ऊर्जा उत्पादों पर लगे प्रतिबंध समाप्त किए जाएंगे। वहीं, शांति समझौते के तहत ईरान वादा करेगा कि वह परमाणु हथियार नहीं बनाएगा।

















