पौड़ी: जनपद पौड़ी गढ़वाल में सरकारी भूमि के संरक्षण एवं अतिक्रमण हटाने के लिए प्रशासन द्वारा व्यापक अभियान संचालित किया जा रहा है। जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया के निर्देशन में विभिन्न तहसीलों में राजस्व अभिलेखों का सत्यापन, स्थलीय निरीक्षण तथा चिन्हित अतिक्रमणों को हटाने की कार्रवाई लगातार जारी है।
इसी क्रम में तहसील यमकेश्वर अंतर्गत गरुड़ चट्टी से लक्ष्मणझूला तक जिला प्रशासन एवं नगर पंचायत स्वर्गाश्रम की संयुक्त टीम द्वारा विशेष अभियान चलाया गया। अभियान के दौरान सार्वजनिक भूमि एवं मार्ग क्षेत्र में किए गए 13 अस्थायी अतिक्रमणों को हटाकर क्षेत्र में आवागमन को सुगम बनाया गया। तहसील लैंसडाउन के ग्राम सुराड़ी स्थित गमूरों तोक में राजकीय भूमि पर किए गए 2 अवैध कब्जों को हटाया गया। कार्रवाई के दौरान एक अस्थायी स्टोरनुमा ढांचा तथा एक स्थान पर की गई तारबाड़ हटाकर भूमि को मूल स्वरूप में बहाल किया गया।
राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-534 के दुगड्डा बाजार क्षेत्र में सड़क सुरक्षा एवं यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के उद्देश्य से लोक निर्माण विभाग, राजस्व विभाग एवं पुलिस प्रशासन की संयुक्त टीम द्वारा पूर्व में चिन्हित अतिक्रमणों के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए मार्ग क्षेत्र में स्थापित अस्थायी संरचनाओं को हटाया गया। कोटद्वार नगर निगम क्षेत्र में भी प्रशासन, नगर निगम एवं पुलिस की संयुक्त कार्रवाई के दौरान 12 चिन्हित अस्थायी अतिक्रमण हटाए गए। वहीं नगर पालिका परिषद पौड़ी क्षेत्र में पोस्ट ऑफिस से बस स्टेशन तक विशेष अभियान चलाकर सड़क किनारे किए गए अस्थायी अतिक्रमणों को हटाया गया, जिससे आमजन की आवाजाही अधिक सुगम हुई।
रिखणीखाल में भी हटाए गए अवैध कब्जे
तहसील रिखणीखाल के ग्राम जामरी में भी राजस्व भूमि पर किए गए अवैध कब्जों को हटाकर भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया गया। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि राजकीय भूमि का संरक्षण शासन की प्राथमिकताओं में शामिल है तथा इस दिशा में नियमित कार्रवाई जारी रहेगी।
जिलाधिकारी ने सभी उपजिलाधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में नियमित निरीक्षण, राजस्व भूमि का भौतिक सत्यापन तथा नए अतिक्रमणों की रोकथाम के लिए सतत निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि सरकारी भूमि जनहित की संपत्ति है और इसके संरक्षण के लिए प्रशासन पूरी गंभीरता एवं प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रहा है। अभियान में राजस्व विभाग, पुलिस प्रशासन तथा संबंधित नगर निकायों के अधिकारी-कर्मचारियों की संयुक्त सहभागिता रही।












