उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले से एक बार फिर संदिग्ध आतंकी गतिविधियों से जुड़ा मामला सामने आने के बाद सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं। मध्य प्रदेश आतंकवाद निरोधक दस्ते (एटीएस) ने उत्तर प्रदेश एटीएस और एसटीएफ के सहयोग से नानौता कस्बे में बड़ी कार्रवाई करते हुए 38 वर्षीय एक युवक को हिरासत में लिया है।
जांच एजेंसियों का दावा है कि युवक कथित तौर पर पाकिस्तान स्थित एक हैंडलर के संपर्क में था और उसके सोशल मीडिया तथा मोबाइल गतिविधियों पर लंबे समय से निगरानी रखी जा रही थी। कार्रवाई के बाद पूरे इलाके में चर्चा का माहौल है और सुरक्षा एजेंसियां मामले की गहन जांच में जुट गई हैं।
संयुक्त कार्रवाई से मचा हड़कंप
इस संबंध में शुक्रवार शाम नानौता कस्बे में उस समय अचानक हलचल मच गई, जब भोपाल एटीएस की टीम उत्तर प्रदेश एटीएस और एसटीएफ के अधिकारियों के साथ स्थानीय कोतवाली पहुंची। अधिकारियों ने स्थानीय पुलिस को एक संदिग्ध व्यक्ति के संबंध में जानकारी दी, जिसके बाद संयुक्त टीम ने कस्बे के मोहल्ला अफगानान में दबिश दी। कार्रवाई के दौरान मुस्तफा के 38 वर्षीय बेटे नईम अब्दुल्ला को हिरासत में लिया गया। सुरक्षा एजेंसियों की इस अचानक कार्रवाई से पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया। स्थानीय लोगों को शुरू में समझ नहीं आया कि आखिर इतनी बड़ी संख्या में सुरक्षा बल इलाके में क्यों पहुंचे हैं। बाद में युवक को हिरासत में लिए जाने की जानकारी सामने आई।
पाकिस्तानी हैंडलर से संपर्क का संदेह
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार जांच एजेंसियों को संदेह है कि नईम अब्दुल्ला किसी पाकिस्तानी हैंडलर के संपर्क में था। बताया जा रहा है कि भोपाल एटीएस पिछले काफी समय से उसके सोशल मीडिया अकाउंट्स और ऑनलाइन गतिविधियों पर नजर रखे हुए थी। जांच के दौरान मिले कुछ इनपुट्स के आधार पर एजेंसियों ने कार्रवाई का फैसला लिया।
इसे भी पढ़ें: डिजिटल दौर में भी जिंदा है चिट्ठियों का एहसास, दुनिया के सबसे ऊंचे डाकघर से भेजी जा रहीं पाती
मोबाइल और धार्मिक साहित्य की जांच
छापेमारी के दौरान जांच टीम ने आरोपित और उसके तीन परिजनों के मोबाइल फोन भी अपने कब्जे में लिए। प्रारंभिक जांच के बाद तीन मोबाइल फोन वापस कर दिए गए, जबकि नईम अब्दुल्ला का मोबाइल आगे की तकनीकी जांच के लिए सुरक्षित रखा गया है। इसके अलावा युवक के कमरे से कुछ धार्मिक साहित्य और किताबें भी बरामद की गईं, जिन्हें जांच एजेंसियों ने अपने कब्जे में लिया है। हालांकि अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि बरामद सामग्री की प्रकृति और उसका मामले से संबंध जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। फिलहाल सभी डिजिटल और दस्तावेजी साक्ष्यों का परीक्षण किया जा रहा है।
भोपाल में दर्ज मामले से जुड़ाव की आशंका
जांच एजेंसियों के अनुसार नईम अब्दुल्ला का नाम भोपाल में पहले से दर्ज एक मामले में सह-आरोपित के रूप में भी सामने आया था। बताया जा रहा है कि उसी प्रकरण की जांच के सिलसिले में यह कार्रवाई की गई है। अधिकारियों का मानना है कि युवक के कथित विदेशी संपर्कों और डिजिटल गतिविधियों की कड़ियां उसी मामले से जुड़ी हो सकती हैं। हालांकि एजेंसियों ने अभी तक मामले के सभी पहलुओं का खुलासा नहीं किया है। जांच अधिकारी लगातार तकनीकी साक्ष्य जुटाने और विभिन्न राज्यों में मौजूद संभावित नेटवर्क की पड़ताल में लगे हुए हैं।
कई राज्यों में एक साथ चल रही कार्रवाई
भोपाल एटीएस के अधिकारियों ने संकेत दिए हैं कि यह कार्रवाई किसी एक व्यक्ति तक सीमित नहीं है। जानकारी के अनुसार देश के कई राज्यों में एक साथ छापेमारी और जांच अभियान चलाया जा रहा है। यही कारण है कि एजेंसियां फिलहाल मामले की विस्तृत जानकारी सार्वजनिक करने से बच रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि जांच के संवेदनशील चरण में किसी भी तरह की जानकारी साझा करने से पूरे ऑपरेशन पर असर पड़ सकता है, इसलिए फिलहाल केवल आवश्यक तथ्यों की ही पुष्टि की जा रही है।
इलाके में चर्चा और लोगों में हैरानी
नईम अब्दुल्ला की गिरफ्तारी की खबर फैलते ही नानौता कस्बे में चर्चा का माहौल बन गया। स्थानीय निवासियों ने बताया कि युवक अधिकतर समय अपने घर के भीतर ही रहता था और सामाजिक गतिविधियों में उसकी भागीदारी बेहद कम दिखाई देती थी। मोहल्ले के लोगों का कहना है कि उन्होंने उसे अक्सर अकेले रहते देखा, लेकिन किसी को इस बात का अंदाजा नहीं था कि सुरक्षा एजेंसियां उसकी गतिविधियों पर नजर रख रही हैं।
पुलिस ने की कार्रवाई की पुष्टि
नानौता थाना प्रभारी निरीक्षक ज्ञानेश्वर बौद्ध ने संयुक्त कार्रवाई की पुष्टि करते हुए बताया कि उत्तर प्रदेश एटीएस, एसटीएफ और भोपाल एटीएस की टीम ने कस्बे के मोहल्ला अफगानान से नईम अब्दुल्ला नामक व्यक्ति को हिरासत में लिया है। इसके बाद टीम उसे अपने साथ लेकर रवाना हो गई। फिलहाल जांच एजेंसियां युवक से पूछताछ कर रही हैं और उसके डिजिटल नेटवर्क, संपर्कों तथा कथित विदेशी कनेक्शन की पड़ताल की जा रही है।
इससे पहले मप्र की राजधानी भोपाल के काजी कैंप इलाके में नन्हें बी की मस्जिद के समीप कार्रवाई करते हुए एंटी-टेररिस्ट स्क्वॉड (एटीएस) ने देश विरोधी गतिविधियों में संलिप्त होने के संदेह में मोहम्मद फराज नामक युवक को हिरासत में लिया था। प्रारंभिक जांच में उसके मोबाइल से कथित जिहादी साहित्य, विदेशी संपर्कों और संदिग्ध ऑनलाइन गतिविधियों से जुड़े महत्वपूर्ण इनपुट मिलने का दावा किया गया है। एजेंसियां अब उसके संभावित नेटवर्क, विदेशी कनेक्शन और कथित कट्टरपंथी गतिविधियों की गहन पड़ताल में जुटी हैं।
मोहम्मद फराज एक डॉक्टर के क्लीनिक पर काम करता था। सामान्य जीवन व्यतीत करने वाले इस युवक की गतिविधियों ने तब सुरक्षा एजेंसियों का ध्यान आकर्षित किया जब उसके कुछ ऑनलाइन संपर्क और डिजिटल गतिविधियां संदिग्ध पाई गईं। जांच एजेंसियों का कहना है कि उसके दैनिक जीवन और कथित गतिविधियों के बीच संबंधों की भी पड़ताल की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि वह कब और कैसे संदिग्ध नेटवर्क के संपर्क में आया।प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि आरोपी कथित रूप से विशेष ट्रेनिंग प्राप्त करने के लिए अफगानिस्तान जाने की तैयारी कर रहा था। यह भी सामने आया है कि उसके मोबाइल फोन से पाकिस्तान से भेजे गए कथित जिहादी दस्तावेजों की पीडीएफ फाइलें बरामद हुई हैं। इन दस्तावेजों की फॉरेंसिक जांच भी कराई जा रही है।













