पंजाब के एक ट्रंजिट कैंप से 9 बांग्लादेशियों को उनके देश वापिस भेजा गया है। केंद्रीय जेल अमृतसर के ट्रांजिट कैंप में रह रहे नौ बांग्लादेशी नागरिकों को सभी कानूनी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद उनके देश रवाना कर दिया गया।
इनमें दो महिलाएं भी शामिल हैं। उनकी स्वदेश वापसी की प्रक्रिया जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (डीएलएसए) अमृतसर की देखरेख में पूरी करवाई गई।
जानकारी के अनुसार, संबंधित नागरिक विभिन्न कानूनी प्रक्रियाओं के पूरा होने के बाद ट्रांजिट कैंप में रह रहे थे।
डीएलएसए ने संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर उनकी वापसी की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया। निर्धारित प्रोटोकॉल के तहत उन्हें सुरक्षा व्यवस्था और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराते हुए बांग्लादेश सीमा तक भेजा। करीब 30 घंटे की रेल यात्रा के बाद उन्हें सीमा पर बांग्लादेश के अधिकारियों के हवाले किया जाएगा।
जिला एवं सत्र न्यायाधीश जतिंदर कौर के मार्गदर्शन में पूरी प्रक्रिया को अंजाम दिया गया। डीएलएसए के सचिव अमरदीप सिंह बैंस ने विभिन्न विभागों के साथ तालमेल बनाकर नागरिकों की वापसी संबंधी औपचारिकताओं को पूरा करवाया। डीएलएसए की ओर से इन विदेशी नागरिकों को आवश्यक कानूनी सहायता भी उपलब्ध करवाई गई।
वहीं, केंद्रीय जेल प्रशासन ने भी प्रक्रिया को सुचारू रूप से पूरा कराने में सहयोग दिया। जेल अधीक्षक राजीव कुमार अरोड़ा और अतिरिक्त अधीक्षक नविंदर सिंह की देखरेख में प्रशासनिक औपचारिकताएं पूरी की गईं और नागरिकों की सुरक्षित रवानगी सुनिश्चित की गई।
अधिकारियों के अनुसार, लंबे समय से अपने परिवारों से दूर रह रहे इन नागरिकों की स्वदेश वापसी से उन्हें अपने परिजनों से मिलने का अवसर मिलेगा। डीएलएसए ने कहा कि जरूरतमंद लोगों को कानूनी सहायता उपलब्ध कराने और न्याय तक उनकी पहुंच सुनिश्चित करने के लिए भविष्य में भी प्रयास जारी रहेंगे।












