राजस्थान

राष्ट्र चेतना संकल्प सभा: 30 हजार लोगों के लिए 2 लाख वर्गफीट का बना रहा डोम, युद्ध स्तर पर जारी हैं तैयारियां

हल्दीघाटी विजय के 450 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में 17 जून को उदयपुर के गांधी ग्राउंड में 'विशाल राष्ट्र चेतना संकल्प सभा' का आयोजन होने जा रहा है। मुख्य वक्ता सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी होंगे, पढ़ें पूरी तैयारियों की रिपोर्ट

Published by
Shivam Dixit

उदयपुर । वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप जयंती और हल्दीघाटी विजय के सार्द्ध चतुःशती वर्ष (450 वर्ष) के ऐतिहासिक उपलक्ष्य में लेक सिटी उदयपुर में भव्य आयोजन की तैयारियां युद्ध स्तर पर चल रही हैं।

आगामी 17 जून को उदयपुर के महाराणा भूपाल स्टेडियम (गांधी ग्राउंड) में एक विशाल ‘राष्ट्र चेतना संकल्प सभा’ का आयोजन होने जा रहा है। इस ऐतिहासिक महासंगम को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी मुख्य वक्ता के रूप में संबोधित करेंगे।

वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप समिति के मार्गदर्शन में ‘प्रताप गौरव केंद्र राष्ट्रीय तीर्थ’ द्वारा आयोजित किए जा रहे इस कार्यक्रम में राजस्थान सहित देश के कोने-कोने से भारी संख्या में प्रबुद्ध जन, सामाजिक प्रतिनिधि और विभिन्न क्षेत्रों की प्रतिष्ठित हस्तियां सहभागिता करेंगी।

2 लाख वर्गफुट का सुसज्जित डोम और भव्य व्यवस्थाएं

समारोह के सफल और सुचारू संचालन के लिए बनाई गई व्यवस्थाओं की मुख्य सांख्यिकी निम्नलिखित तालिका के माध्यम से समझी जा सकती है:

व्यवस्था का आयामतैयारियों का विवरण
अनुमानित जनसमूहलगभग 25 से 30 हजार लोग
मुख्य पंडाल (डोम) का क्षेत्रफलकरीब 2 लाख वर्गफुट में विशाल एवं सुसज्जित वाटरप्रूफ डोम
बैठक क्षमता (Seating Capacity)20 हजार से अधिक कुर्सियों की सीधी व्यवस्था
कूलिंग एवं हाइड्रेशन सिस्टमभीषण गर्मी को देखते हुए विशेष पंखे, मिस्ट कूलिंग सिस्टम (Mist System) और जगह-जगह शीतल पेय की पर्याप्त व्यवस्था।

कार्यक्रम के संयोजक सीए महावीर चपलोत ने बताया कि जिस प्रकार समाज अपने बड़े सांस्कृतिक त्योहारों को अपार उत्साह और उल्लास के साथ मनाता है, ठीक उसी समर्पण भाव से इस राष्ट्र चेतना सभा का ताना-बाना बुना जा रहा है। पूरे समाज की सक्रिय सहभागिता से होने वाला यह समारोह मेवाड़ के गौरवशाली इतिहास को पुनः स्मरण कराने और हल्दीघाटी की महान विजय गाथा को वैश्विक स्तर पर स्थापित करने की दिशा में एक बड़ा प्रयास है।

केंद्रीय कार्यालय का हुआ उद्घाटन, प्रशासनिक अधिकारियों ने लिया जायजा

प्रताप गौरव केन्द्र के निदेशक अनुराग सक्सेना ने जानकारी दी कि गुरुवार शाम को केंद्र परिसर में 17 जून के महाआयोजन की मॉनिटरिंग और सुचारू समन्वय के लिए एक अत्याधुनिक केन्द्रीय कार्यालय स्थापित किया गया है।

  • विशिष्ट उद्घाटन: इस केंद्रीय कार्यालय का औपचारिक उद्घाटन मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. कैलाश डागा और उदयपुर ग्रामीण विधायक फूल सिंह मीणा द्वारा संयुक्त रूप से किया गया।
  • सुरक्षा एवं व्यवस्था निरीक्षण: आयोजन की संवेदनशीलता को देखते हुए आईजी गौरव श्रीवास्तव और एएसपी उमेश ओझा ने स्वयं प्रताप गौरव केन्द्र पहुंचकर चल रही व्यवस्थाओं और सुरक्षा प्रबंधन का बारीकी से अवलोकन किया।
  • ट्रैफिक एवं पार्किंग रूट: बाहर से आने वाले अतिथियों और प्रबुद्ध जनों के वाहनों के लिए विद्या भवन एवं फील्ड क्लब परिसर में विशाल पार्किंग स्लॉट बनाए गए हैं, जहां से मुख्य आयोजन स्थल तक आने-जाने के लिए आंतरिक यातायात के पुख्ता इंतजाम रहेंगे।

विशेष चिकित्सा व्यवस्था: हर टीम में होगी महिला चिकित्सक

इतने बड़े जनसमूह की सुरक्षा और आकस्मिक स्वास्थ्य आवश्यकताओं के लिए चिकित्सा व्यवस्था समिति के प्रमुख डॉ. राजवीर सिंह के नेतृत्व में एक अभेद्य स्वास्थ्य चक्र तैयार किया गया है।

कार्यक्रम स्थल पर आधुनिक जीवन रक्षक उपकरणों से लैस एम्बुलेंस तैनात रहेगी। इसके साथ ही रवींद्रनाथ टैगोर (एमबी) हॉस्पिटल से विशेषज्ञ चिकित्सक, रेजिडेंट डॉक्टर्स और नर्सिंग स्टाफ की एक विशेष इमरजेंसी टीम इस दिन पूरी तरह सक्रिय रहेगी। सुरक्षा और संवेदनशीलता के लिहाज से प्रत्येक चिकित्सा टीम में एक महिला चिकित्सक का होना अनिवार्य किया गया है।

आयोजन को निर्बाध गति देने के लिए टेंट निर्माण, मंच सज्जा, पत्रक वितरण, भोजन व्यवस्था, पार्किंग प्रबंधन और स्वागत समिति सहित 20 से अधिक विशिष्ट कमेटियों का गठन किया जा चुका है, जिसमें हजारों स्वयंसेवक दिन-रात पसीना बहा रहे हैं।

डिजिटल मोर्चे पर तैयारी: आज जुटेगी ‘इंफ्लुएंसर मीट’

सोशल मीडिया समिति के मनोज जोशी ने बताया कि वैचारिक प्रसार को गति देने के लिए शुक्रवार शाम 5 बजे प्रताप गौरव केन्द्र के ‘पद्मीनी सभागार’ में एक भव्य इंफ्लुएंसर मीट (Influencer Meet) का आयोजन किया जा रहा है। इस मीट में शामिल होने वाले डिजिटल क्रिएटर्स को पहले संपूर्ण केंद्र का भ्रमण कराया जाएगा।

इसके पश्चात देश के जाने-माने इतिहासविद डॉ. प्रताप सिंह झाला, प्रताप गौरव शोध केन्द्र के अधीक्षक डॉ. विवेक भटनागर और निदेशक अनुराग सक्सेना महाराणा प्रताप और हल्दीघाटी युद्ध विजय से जुड़े प्रामाणिक ऐतिहासिक तथ्यों को सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स के सामने प्रस्तुत करेंगे।

इससे पूर्व, गुरुवार को हुई सांगठनिक बैठक में सोशल मीडिया टीम के जयदीप आमेटा, विकास छाजेड़, प्रदीप विजयवर्गीय, रोहित अग्रवाल, तुषार जिंदल, मोहित सनाढ्य और चेतन शाकद्वीपीय सहित कई कार्यकर्ताओं ने डिजिटल प्रचार-प्रसार की रणनीतियों पर विस्तृत चर्चा की।

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