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RSS Uttar Assam Prant : उत्तर असम प्रांत की वार्षिक योजना बैठक तिनसुकिया में शुरू, जानें क्या है मुख्य एजेंडा

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के उत्तर असम प्रांत की चार दिवसीय वार्षिक योजना बैठक आज से तिनसुकिया के विद्या भारती इंटरनेशनल स्कूल में शुरू हो गई है। बैठक में संघ के शताब्दी वर्ष के संकल्पों और 'पंच परिवर्तन' के अंतर्गत सामाजिक सुधारों पर गहन महामंथन होगा

Published by
Shivam Dixit

गुवाहाटी। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के उत्तर असम प्रांत की अत्यंत महत्वपूर्ण चार दिवसीय वार्षिक योजना बैठक आज, 12 जून से प्रारंभ होने जा रही है। इस बैठक का भव्य आयोजन और समापन आगामी 15 जून को तिनसुकिया नगर के विद्या भारती इंटरनेशनल स्कूल में संपन्न होगा।

संघ के उत्तर असम क्षेत्र के प्रचार प्रमुख किशोर शिवम ने गुरुवार को एक आधिकारिक बयान जारी कर इस बैठक की विस्तृत रूपरेखा साझा की।

उन्होंने बताया कि यह बैठक संघ की नियमित संगठनात्मक प्रक्रिया का एक हिस्सा है, जो प्रतिवर्ष जून माह में आयोजित की जाती है और इसमें पिछले वर्ष के कार्यों का लेखा-जोखा लेने के साथ ही आगामी वर्ष की कार्ययोजना तैयार की जाती है।

शताब्दी वर्ष के संकल्प: 7 में से 4 महत्वपूर्ण कार्यक्रम पूर्ण

इस वर्ष आयोजित हो रही इस बैठक का महत्व संघ के इतिहास में कहीं अधिक है। गौरतलब है कि विजयादशमी (दशहरा) 2025 को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना के 100 वर्ष (शताब्दी वर्ष) पूर्ण हो चुके हैं।

“शताब्दी वर्ष के ऐतिहासिक अवसर पर, संघ ने गत विजयादशमी (2 अक्टूबर, 2025) से लेकर आगामी 2026 की विजयादशमी तक राष्ट्रव्यापी स्तर पर सात विशेष बड़े कार्यक्रमों को अपने हाथ में लिया था। अत्यंत हर्ष का विषय है कि सुचारू प्रयासों के चलते इनमें से चार कार्यक्रम सफलतापूर्वक पूरे किए जा चुके हैं।”

– किशोर शिवम, प्रचार प्रमुख

तिनसुकिया में होने वाली इस चार दिवसीय बैठक में शताब्दी वर्ष की कार्यशैली की व्यापक समीक्षा की जाएगी, साथ ही शेष बचे तीन कार्यक्रमों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने और राष्ट्र निर्माण में संगठन के कार्य विस्तार की ठोस योजना बनाई जाएगी।

‘पंच परिवर्तन’ के माध्यम से सामाजिक सुधारों पर विशेष ध्यान

बैठक के मुख्य एजेंडे में केवल सांगठनिक विस्तार ही शामिल नहीं है, बल्कि समाज जीवन को छूने वाले बुनियादी विषयों पर भी गहन चर्चा होगी। संघ की विभिन्न शाखाओं द्वारा जमीनी स्तर पर किए जाने वाले आवश्यक सामाजिक बदलावों के रोडमैप पर विचार किया जाएगा।

विशेष रूप से संघ के ‘पंच परिवर्तन’ के संकल्पों—

  • कुटुंब प्रबोधन (पारिवारिक संस्कार)
  • सामाजिक समरसता (जातिगत भेदभाव का अंत)
  • पर्यावरण संरक्षण (जल, जंगल और स्वच्छता)
  • स्वदेशी का आचरण (मातृभाषा और स्थानीय उत्पादों का उपयोग)
  • नागरीक कर्तव्य

इन्हें प्रभावी ढंग से लागू करने की रणनीति पर विमर्श होगा।

बैठक का व्यापक स्वरूप और सहभागिता

प्रचार प्रमुख किशोर शिवम के अनुसार, इस महामंथन में उत्तर असम प्रांत और असम क्षेत्र के कोने-कोने से आए प्रमुख राष्ट्रभक्त कार्यकर्ताओं की सहभागिता रहेगी। बैठक की सांख्यिकीय भागीदारी इस प्रकार है:

सहभागिता की श्रेणीकार्यकर्ताओं की संख्याविवरण व प्रतिनिधित्व
प्रांत एवं क्षेत्र स्तर से701उत्तर असम प्रांत और असम क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले क्षेत्र, प्रांत, जिला और शहर स्तर के आमंत्रित पदाधिकारी।
विविध आयामों/क्षेत्रों से159समाज जीवन के विभिन्न रचनात्मक और विविध क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व करने वाले प्रबुद्ध जन।
कुल आमंत्रित प्रतिभागी860वार्षिक योजना में प्रत्यक्ष भाग लेने वाले कुल कार्यकर्ता।

इसके अलावा, इस महत्वपूर्ण बैठक में उत्तर असम प्रांत में सक्रिय संघ विचार परिवार के विभिन्न आनुषंगिक संगठनों के माननीय संगठन मंत्री और कुछ अत्यंत चुनिंदा कार्यकर्ताओं को भी आमंत्रित किया गया है।

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