सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी गुरुवार को कानपुर से नई दिल्ली जा रहे थे। शताब्दी एक्सप्रेस से नई दिल्ली लौटते समय ट्रेन जब मक्खनपुर-फिरोजाबाद के बीच से गुजर रही थी, तभी अचानक बोगी को निशाना बनाकर पत्थर से हमला किया गया। पत्थर ठीक एग्जीक्यूटिव क्लास के E-1 कोच में आकर लगा, जिसमें सर संघचालक जी बैठे हुए थे। पत्थर लगने के बाद खिड़की का शीशा टूट गया। सरसंघचालक जी को कोई चोट नहीं आई।
सुरक्षा की दृष्टि से ट्रेन को बीच रास्ते में नहीं रोका गया। घटना की जानकारी मिलते ही टूंडला जंक्शन पर रेलवे सुरक्षा बल, राजकीय रेलवे पुलिस के अधिकारी भारी फोर्स के साथ स्टेशन पर पहुंचे। शताब्दी एक्सप्रेस बृहस्पतिवार को 7 बजकर 35 मिनट पर बजे टूंडला जंक्शन पर पहुंची थी।
टूंडला जंक्शन पर सुरक्षा जांच करने के बाद ट्रेन को शाम 7 बजकर 40 मिनट पर शताब्दी एक्सप्रेस को दिल्ली के लिए रवाना किया गया। ट्रेन जाने के बाद जीआरपी और आरपीएफ ने मक्खनपुर-फिरोजाबाद रेल ट्रैक के आसपास सर्च ऑपरेशन चलाया।
उल्लेखनीय है कि सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी कानपुर एक वैवाहिक आयोजन में शामिल होने के लिए आय थे। कानपुर के आजाद नगर क्षेत्र में एक विशेष आशीर्वाद समारोह रखा गया था। सरसंघचालक इस आशीर्वाद समारोह में शामिल होने के पश्चात शताब्दी एक्सप्रेस से नई दिल्ली लौट रहे थे। पथराव में उनको चोट नहीं आई।
















