भारत को वर्ष 2014 में पोलियो मुक्त घोषित किया गया था और तब से देश में पोलियो के खिलाफ लगातार निगरानी और टीकाकरण अभियान चलाए जा रहे हैं। लेकिन गाजियाबाद से आई एक ताजा रिपोर्ट ने स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है। जिले के डूंडाहेड़ा स्थित सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) के पानी के नमूने में वैक्सीन-व्युत्पन्न पोलियोवायरस (VDPV) टाइप-1 मिलने की पुष्टि हुई है। इसके बाद प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने तुरंत सतर्कता बढ़ा दी है।
रिपोर्ट मिलते ही अलर्ट, 107 टीमें घर-घर करेंगी बच्चों का स्वास्थ्य सर्वे
दरअसल, पोलियो वायरस की निगरानी के लिए स्वास्थ्य विभाग समय-समय पर शहर और ग्रामीण क्षेत्रों के सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट से पानी के नमूने एकत्र करता है। इन नमूनों की जांच प्रयोगशालाओं में कराई जाती है ताकि किसी भी संभावित खतरे का समय रहते पता लगाया जा सके। हाल ही में डूंडाहेड़ा एसटीपी से लिया गया नमूना जांच के लिए दिल्ली भेजा गया था, जहां इसकी रिपोर्ट में वैक्सीन-व्युत्पन्न पोलियोवायरस टाइप-1 की मौजूदगी पाई गई। रिपोर्ट सामने आते ही स्वास्थ्य विभाग हरकत में आ गया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए शहरी क्षेत्र के 12 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (पीएचसी) में 107 टीमों को तैनात किया गया है। ये टीमें घर-घर जाकर पांच साल तक के बच्चों का स्वास्थ्य सर्वे करेंगी और जरूरत पड़ने पर उन्हें पोलियो की खुराक भी पिलाएंगी।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार राजनगर, शास्त्रीनगर, बुलंदशहर रोड औद्योगिक क्षेत्र, दौलतपुरा, न्यू पंचवटी, घुकना, हिंडन विहार, कैला भट्टा, मिर्जापुर, विजय नगर-1, विजय नगर-2 और खैराती नगर सहित कई इलाकों में विशेष अभियान चलाया जाएगा। आशा कार्यकर्ता, एएनएम और अन्य स्वास्थ्य कर्मचारी लोगों से संपर्क कर बच्चों के टीकाकरण की स्थिति की जांच करेंगे। विशेषज्ञों के अनुसार, वैक्सीन-व्युत्पन्न पोलियोवायरस बेहद दुर्लभ परिस्थितियों में पैदा होता है। यह तब हो सकता है जब किसी क्षेत्र में लंबे समय तक बच्चों का टीकाकरण अधूरा रहे और वायरस कमजोर प्रतिरक्षा वाले बच्चों के बीच फैलता रहे। ऐसे मामलों में वायरस में बदलाव आ सकता है और वह संक्रमण फैलाने की क्षमता हासिल कर सकता है। जिला सर्विलांस अधिकारी डॉ. आर.के. गुप्ता ने कहा कि यह स्थिति चिंता की जरूर है, लेकिन घबराने की आवश्यकता नहीं है। स्वास्थ्य विभाग पूरी सतर्कता के साथ काम कर रहा है। उन्होंने अभिभावकों से अपील की है कि वे अपने बच्चों का टीकाकरण समय पर कराएं और स्वास्थ्य विभाग की टीमों का पूरा सहयोग करें, ताकि पोलियो जैसी गंभीर बीमारी को दोबारा फैलने से रोका जा सके।

















