मैनचेस्टर में मंगलवार को कश्मीरी समुदाय के लोगों ने पाकिस्तान के कब्ज़े वाले जम्मू-कश्मीर (PoJK) में हाल ही में हुई घटनाओं के खिलाफ प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। उन्होंने उन लोगों के लिए ‘ग़ायबाना नमाज़-ए-जनाज़ा’ पढ़ी, जिनकी हाल की झड़पों में मौत हुई बताई जा रही है।
PoJK में प्रदर्शन और न्याय की मांग
नमाज के बाद प्रदर्शनकारियों ने शांतिपूर्ण मार्च निकाला और पाकिस्तान के वाणिज्य दूतावास तक पहुंचे। वहां उन्होंने PoJK की स्थिति को लेकर अपनी चिंता जताई और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से मदद की मांग की। प्रदर्शनकारियों के हाथों में तख्तियां और बैनर थे, जिन पर मानवाधिकारों की रक्षा और न्याय की मांग लिखी हुई थी। आयोजकों का कहना था कि PoJK में हाल के दिनों में विरोध प्रदर्शनों के दौरान कई लोगों की मौत हुई है। इन लोगों की पहचान शाज़ेब सहित अन्य नागरिकों के रूप में बताई गई। प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि इन घटनाओं की निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच होनी चाहिए। लोगों ने आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे नागरिकों पर अत्यधिक बल प्रयोग किया गया। इसके साथ ही इंटरनेट बंद करने और जानकारी छिपाने के भी आरोप लगाए गए, जिससे स्थिति की सही जानकारी सामने नहीं आ पा रही है।
इस पूरे मामले को लेकर PoJK में पहले से ही बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन चल रहे हैं। लोग महंगाई, बिजली के भारी बिल, बेरोजगारी और बुनियादी सुविधाओं की कमी जैसी समस्याओं को लेकर सड़कों पर हैं। कई जगहों पर प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच झड़पें भी हुईं, जिनमें जान-माल के नुकसान की खबरें सामने आई हैं। इसी बीच, कुछ कश्मीरी कार्यकर्ताओं ने संयुक्त राष्ट्र के UNMOGIP कार्यालय को एक ज्ञापन भी सौंपा। इसमें PoJK में कथित मानवाधिकार उल्लंघनों की जांच के लिए एक स्वतंत्र टीम भेजने की मांग की गई। ज्ञापन में कहा गया कि वहां के लोग अपने लोकतांत्रिक अधिकारों के लिए प्रदर्शन कर रहे थे। भारत के विदेश मंत्रालय ने भी इस स्थिति पर प्रतिक्रिया दी। मंत्रालय ने कहा कि पाकिस्तान को अपनी आंतरिक समस्याओं और मानवाधिकार मुद्दों पर ध्यान देना चाहिए और अंतरराष्ट्रीय समुदाय को इस मामले को गंभीरता से देखना चाहिए।














