पश्चिम बंगाल

गुजरात: पकड़े गए 362 बांग्लादेशी

गुजरात में रह रहे घुसपैठियों को पकड़ने के लिए राज्य पुलिस ने शुरू किया ‘ऑपरेशन डेल्टा हंट।’ इसके अंतर्गत अमदाबाद, सूरत, भरुच, गांधीनगर आदि शहरों से पकड़े गए 362 घुसपैठिए। इन सबको वापस बांग्लादेश भेजने की चल रही है कार्रवाई

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Panchjanya

बांग्लादेशी और रोहिंग्या घुसपैठियों के विरुद्ध गुजरात सरकार ने एक बार फिर से कदम उठाए हैं। गुजरात की आंतरिक सुरक्षा बनी रहे, इसके लिए वहां की पुलिस ने ‘ऑपरेशन डेल्टा हंट’ शुरू किया है। इसके अंतर्गत राज्यभर में कुल 362 बांग्लादेशी घुसपैठियों को गिरफ्तार किया गया। इनमें 103 पुरुष, 188 महिलाएं और 71 बच्चे शामिल हैं। राज्य में सबसे अधिक 155 बांग्लादेशी घुसपैठिए अमदाबाद शहर से पकड़े गए। सूरत से 84, अमदाबाद ग्रामीण से 34, पूर्व कच्छ-गांधीनगर से 13 और भरुच से 12 घुसपैठियों को गिरफ्तार किया गया है। इस अभियान के दौरान 782 से अधिक संदिग्ध बांग्लादेशी नागरिक भी मिले हैं, जिनसे फिलहाल गहन पूछताछ और जांच चल रही है।

इस संबंध में गुजरात के उप मुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने बताया कि राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दे पर राज्य सरकार की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति है। इसके अंतर्गत राज्य में रह रहे बांग्लादेशी घुसपैठियों और नागरिकों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई शुरू की गई है। उन्होंने कहा कि राज्य की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वाले हर घुसपैठिए को गुजरात के कोने-कोने से खोजकर, उन पर कानून का शिकंजा कसकर उन्हें बांग्लादेश भेजने की कार्रवाई की जा रही है।


उन्होंने कहा कि तकनीक और गुप्तचरों की मदद से गुजरात पुलिस केवल घुसपैठियों की ही नहीं, बल्कि उन्हें अवैध रूप से सिम कार्ड, आश्रय, नौकरी या नकली आधार कार्ड और वोटर आईडी जैसे गलत दस्तावेज मुहैया कराने वाले स्थानीय लोगों की भी पहचान कर रही है। घुसपैठियों की मदद करने वालों को छोड़ा नहीं जाएगा। पकड़े गए सभी घुसपैठियों को नियमानुसार हिरासत में रखा गया है और उन्हें देश से बाहर भेजने के लिए कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

उन्होंने कहा कि पुलिस द्वारा यह ऑपरेशन शुरू करने से पहले बहुत बारीकी से एक योजना बनाई गई थी। शहरों में धर-पकड़ शुरू होते ही घुसपैठिए राज्य के बाहर भाग न जाएं इसके लिए सभी बस स्टैंड, हाईवे और रेलवे स्टेशनों पर कड़ी नाकाबंदी लगा दी गई थी। इस रणनीतिक नाकाबंदी के कारण भागने की कोशिश कर रहे अन्य 18 संदिग्ध व्यक्तियों को भी पकड़ने में सफलता मिली है।

उन्होंने बताया कि जांच के दौरान कई मामलों में ऐसी चौंकाने वाली जानकारी भी सामने आई है कि पकड़े गए बांग्लादेशियों में से कुछ लोग 2-4 साल पहले या उससे भी पहले पश्चिम बंगाल के अलग-अलग गांवों और क्षेत्रों से भारत में घुसे थे। वहां उन्होंने स्थानीय बिचौलियों की मदद से पश्चिम बंगाल के स्थानीय दस्तावेज बनवाए और उनके आधार पर भारत के आधिकारिक आधार कार्ड हासिल किए। इस पूरे तंत्र की भी पुलिस द्वारा गहनता से जांच हो रही है। हर्ष संघवी ने कहा कि यह ऑपरेशन जारी रखते हुए हर एक घुसपैठिए को गुजरात के कोने-कोने से दबोचकर वापस भेजा जाएगा। यह ‘ऑपरेशन डेल्टा हंट’ आने वाले दिनों में भी राज्य के सभी क्षेत्रों और चारों इलाकों में जारी रहेगा। हर घुसपैठिए को खोजकर उसे बाहर किया जाएगा।

गुजरात के डीजीपी डॉ. के. एल. एन. राव ने बताया कि यह अभियान पूरी तरह ‘टेक्निकल डेटा’ और ‘फील्ड वेरिफिकेशन’ पर आधारित है। ‘साइबर सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ से मिले टेक्निकल और लोकल इनपुट्स के आधार पर गुजरात में व्यापक टेलिकॉम विश्लेषण किया गया था।

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