जोरहाट (असम)। विद्या भारती से संबद्ध संस्था शिशु शिक्षा समिति, असम की वार्षिक सामान्य सभा का आयोजन जोरहाट के गढ़मूर स्थित शंकरदेव विद्या निकेतन में भव्य रूप से किया गया। सोमवार को दी गई आधिकारिक जानकारी के अनुसार, 7 जून की संध्या को संपन्न हुई इस महत्वपूर्ण सभा में शिक्षा के विभिन्न पहलुओं और आगामी संगठनात्मक रूपरेखा पर गहन मंथन किया गया।
दीप प्रज्ज्वलन और अतिथियों का सानिध्य
सभा का विधिवत शुभारंभ मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। इस अवसर पर कई गणमान्य शिक्षाविद और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के वरिष्ठ पदाधिकारी उपस्थित रहे, जिनमें प्रमुख हैं:
- डॉ. अजन्ता बूढ़ागोहाईं राजकोंवर: कुलपति, असम महिला विश्वविद्यालय (मुख्य अतिथि)
- नृपेन बर्मन: प्रांत प्रचारक, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (उत्तर असम प्रांत)
- डॉ. पवन तिवारी: संगठन मंत्री, विद्या भारती पूर्वोत्तर क्षेत्र
- डॉ. जगदीन्द्र राय चौधुरी: सचिव, विद्या भारती पूर्वोत्तर क्षेत्र
- कुलेन्द्र कुमार भागवती: अध्यक्ष, शिशु शिक्षा समिति, असम
- जगन्नाथ राजवंशी: महासचिव, शिशु शिक्षा समिति, असम
इसके अतिरिक्त समिति के उपाध्यक्ष डॉ. अलकानंद बरुवा एवं अनिमा शर्मा तथा विद्या भारती पूर्वोत्तर क्षेत्र के वरिष्ठ सदस्य योगेन्द्र सिंह सिसोदिया भी उपस्थित रहे। गुवाहाटी के जू-रोड स्थित कार्यालय से मीडिया को जानकारी देते हुए शिशु शिक्षा समिति के प्रचार संयोजक मुकुटेश्वर गोस्वामी ने बताया कि महासचिव जगन्नाथ राजवंशी ने सभा के उद्देश्य, पिछली वार्षिक सामान्य सभा के प्रस्ताव एवं कार्यवृत्त प्रस्तुत किए।
“आधुनिक तकनीक और रोबोट ‘माया’ से मिल रही है सफलता”
मुख्य अतिथि डॉ. अजंता बूढ़ागोहाईं राजकोंवर ने अपने संबोधन में समन्वित शिक्षा, आधुनिक शिक्षण व्यवस्था और अटल टिंकरिंग लैब (ATL) के माध्यम से विद्यार्थियों में उत्कृष्टता विकसित करने की आवश्यकता पर विशेष बल दिया। उन्होंने बताया कि उनके विश्वविद्यालय द्वारा विकसित ‘माया’ नामक रोबोट के माध्यम से बच्चों को शिक्षा प्रदान कर उल्लेखनीय सफलता प्राप्त की गई है।
आय-व्यय विवरण और पावर पॉइंट प्रस्तुति
- सभा में शिशु शिक्षा समिति का गत वर्ष का आय-व्यय विवरण तथा आगामी वर्ष का बजट असम प्रकाशन भारती के सचिव दीपांकर बोरा ने प्रस्तुत किया।
- विद्या भारती के विभिन्न केंद्रीय एवं आधारभूत विषयों— जैसे अभिलेखागार, प्रशिक्षण, मातृ भारती, शिशु वाटिका तथा खेलकूद आदि पर पावर पॉइंट प्रस्तुति (PPT) के माध्यम से विस्तृत जानकारी दी गई।
विशिष्ट सम्मान और पत्रिकाओं का विमोचन
शिशु शिक्षा समिति, असम के अंतर्गत संचालित शंकरदेव शिशु निकेतनों में दीर्घकाल तक प्रधानाचार्य एवं संकुल प्रमुख के रूप में अपनी दक्षता, ईमानदारी, अनुशासन और कर्तव्यनिष्ठा के लिए दो वरिष्ठ शिक्षाविदों को विशेष रूप से सम्मानित किया गया:
- वर्णाली बरुवा: पूर्व प्रधानाचार्या, गढ़मूर (जोरहाट)
- विनोद कृष्ण शर्मा: प्रधानाचार्य, नारायणपुर (लखीमपुर)
प्रकाशन और लोकार्पण: इसी ऐतिहासिक सभा में शिशु शिक्षा समिति की त्रैमासिक ई-पत्रिका ‘महाबाहु संवाद’ के वार्षिक अंक का विमोचन किया गया। इसके साथ ही हाईस्कूल शिक्षांत परीक्षा में पिछले 30 वर्षों (1996–2026) के शीर्ष स्थान प्राप्त विद्यार्थियों की शैक्षिक यात्रा पर आधारित एक महत्वपूर्ण दस्तावेज का भी लोकार्पण किया गया।
अंत में शिशु शिक्षा समिति, असम के अध्यक्ष कुलेन्द्र कुमार भागवती ने सभी उपस्थित जनों को शुभकामनाएं दीं तथा कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए गढ़मूर निकेतन के आचार्य-आचार्याओं, विद्यार्थियों एवं समस्त कार्यकर्ताओं का हृदय से धन्यवाद ज्ञापित किया।











