
पीओजेके में विरोध प्रदर्शन करते नागरिक (फोटो- रायटर)
मुजफ्फराबाद। पाकिस्तान अधिक्रांत जम्मू-कश्मीर (PoJK) में तनाव बढ़ता जा रहा है। पाकिस्तानी सुरक्षा बलों के साथ ‘जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी’ के कार्यकर्ताओं के साथ झड़प हुई। इसके बाद प्रदर्शनकारियों पर आंसू गैस के गोले दागे गए।
पीओजेके में हालात बिगड़ते जा रहे हैं। रावलकोट और मुज़फ़्फ़राबाद में प्रदर्शनकारियों और पाकिस्तानी सुरक्षा बलों के बीच हुई जानलेवा झड़पों के बाद संचार सेवा बंद कर दी गई। जम्मू-कश्मीर के कुछ हिस्सों में हालात गंभीर बने हुए हैं। पाकिस्तान-विरोधी प्रदर्शनों में सैकड़ों लोग सड़कों पर उतरे हैं और भीमबर और कोटली जैसे शहरों में शटडाउन जारी है। पाकिस्तानी मीडिया ‘डॉन’ की एक रिपोर्ट के अनुसार, रविवार रात हुई झड़पों में सात नागरिकों की मौत के बाद ये घटनाएं हुई हैं।
पीओजेके नागरिकों के खिलाफ पाकिस्तानी सुरक्षाबलों और सरकार की सख़्त कार्रवाई की दुनिया भर में निंदा हो रही है। ब्रिटिश संसद के 50 से ज़्यादा सदस्यों ने UK की विदेश मंत्री यवेट कूपर को पत्र लिखकर PoJK में कम्युनिकेशन ब्लैकआउट, गिरफ़्तारियों और बढ़ते तनाव की खबरों पर चिंता जताई है।
6 जून को UK विदेश कार्यालय को भेजे गए एक पत्र में, ब्रैडफोर्ड ईस्ट के सांसद इमरान हुसैन – जो कश्मीर पर ‘ऑल-पार्टी पार्लियामेंट्री ग्रुप’ (APPG) के अध्यक्ष भी हैं – ने उस क्षेत्र से इंटरनेट और मोबाइल सेवा में रुकावट, संचार पर प्रतिबंध और बढ़ते असंतोष की खबरों का ज़िक्र किया। सांसदों ने कहा कि कई ब्रिटिश कश्मीरियों ने उनसे संपर्क किया है जो PoJK में अपने रिश्तेदारों से संपर्क नहीं कर पा रहे हैं।
हस्ताक्षर करने वालों ने गिरफ़्तारियों (जिनमें ब्रिटिश नागरिक भी शामिल हैं) और अधिकारियों तथा ‘जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी’ के प्रतिनिधियों के बीच बातचीत टूटने की खबरों पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि पहले से ही संवेदनशील राजनीतिक माहौल में संचार पर प्रतिबंध लगाने से अनिश्चितता बढ़ने और तनाव और अधिक बढ़ने का ख़तरा है।
(इनपुट- एएनआई समाचार एजेंसी)