गांधीनगर (गुजरात)। अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ (ABRSM) के शैक्षिक प्रकोष्ठ एवं भारतीय शिक्षक शिक्षा संस्थान (IITE), गांधीनगर (गुजरात) के संयुक्त तत्वावधान में ‘कुटुम्ब शिक्षा’ के अत्यंत प्रासंगिक विषय पर एक दो दिवसीय कार्यशाला का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य समाज की सबसे महत्वपूर्ण इकाई ‘परिवार’ में शिक्षा और संस्कारों के बीजारोपण पर गहन विमर्श करना था।
इन प्रख्यात शिक्षाविदों का मिला सानिध्य और मार्गदर्शन
इस दो दिवसीय कार्यशाला में देश के कई जाने-माने शिक्षाविदों और विचारकों ने अपने विचार रखे और उपस्थित प्रतिभागियों का मार्गदर्शन किया। कार्यक्रम में मुख्य रूप से निम्नलिखित विभूतियों की गरिमामयी उपस्थिति रही-

- ताई इंदुमती काटदरे: कुलगुरु, पुनरुत्थान विद्यापीठ
- प्रो. नारायण लाल गुप्ता: अध्यक्ष, अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ
- प्रो. गीता भट्ट: महामंत्री, अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ
- प्रो. सुरेश अग्रवाल: कार्यशाला के पालक अधिकारी एवं कुलगुरु, महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय (MDSU), अजमेर
- प्रो. भरत रामानुज: कुलगुरु, महाराजा कृष्णकुमारसिंहजी भावनगर विश्वविद्यालय (MKBU)

विद्वानों ने अपने उद्बोधन में इस बात पर विशेष बल दिया कि राष्ट्र निर्माण और एक सुसंस्कृत समाज की स्थापना के लिए कुटुम्ब (परिवार) आधारित शिक्षा अत्यंत आवश्यक है।
भारतीय ज्ञान परंपरा में परिवार को ही बच्चे की प्रथम पाठशाला माना गया है, जहां से उसके जीवन के मूलभूत संस्कारों और मूल्यों का निर्माण शुरू होता है।











