राष्ट्रपति भवन में आयोजित रक्षा अलंकरण समारोह 2026 का एक भावुक दृश्य पूरे देश के दिलों को छू गया। यह केवल एक सम्मान समारोह नहीं था, बल्कि वीरता, बलिदान और मातृत्व की भावना का ऐसा संगम था जिसने वहां मौजूद हर व्यक्ति को भावुक कर दिया। जब शहीद सिपाही जंजाल प्रवीण प्रभाकर को मरणोपरांत कीर्ति चक्र से सम्मानित किया गया, तब गर्व और गम दोनों एक साथ दिखाई दिए।
मां के आंसू देख भावुक हुईं राष्ट्रपति
समारोह के दौरान शहीद प्रवीण की पत्नी शंभाला प्रवीण जंजाल और उनकी मां शालू प्रभाकर जंजाल सम्मान ग्रहण करने के लिए मंच पर पहुंचीं। बेटे की वीरता पर गर्व करने वाली मां जैसे ही राष्ट्रपति के सामने पहुंचीं, अपने लाल की याद में उनकी आंखें नम हो गईं। वर्षों की पीड़ा और बेटे की याद उनके आंसुओं के रूप में छलक पड़ी। इस भावुक क्षण में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने मानवीयता का परिचय दिया। उन्होंने औपचारिकताओं और प्रोटोकॉल की सीमाओं से ऊपर उठकर शहीद की मां को गले लगा लिया और उन्हें सांत्वना दी। राष्ट्रपति का यह स्नेहपूर्ण व्यवहार वहां मौजूद सभी लोगों को भावुक कर गया। यह दृश्य केवल एक मां के दुख को साझा करने का नहीं, बल्कि पूरे राष्ट्र की ओर से उसके बलिदान को सम्मान देने का प्रतीक बन गया। सिपाही जंजाल प्रवीण प्रभाकर ने 6 जुलाई 2024 को जम्मू-कश्मीर के कुलगाम में चलाए गए एक आतंकवाद-रोधी अभियान में अदम्य साहस का परिचय दिया था। कठिन परिस्थितियों में भी उन्होंने बहादुरी से मुकाबला करते हुए दो आतंकवादियों को मार गिराया। हालांकि इस अभियान के दौरान उन्होंने मातृभूमि की रक्षा करते हुए अपना सर्वोच्च बलिदान दे दिया। उनकी असाधारण वीरता, कर्तव्यनिष्ठा और देश के प्रति समर्पण को सम्मानित करते हुए उन्हें मरणोपरांत कीर्ति चक्र प्रदान किया गया। समारोह में उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह सहित कई गणमान्य हस्तियां उपस्थित थीं।
President Smt Droupadi Murmu presented Kirti Chakra (Posthumous) to Sepoy Janjal Pravin Prabhakar during Defence Investiture Ceremony 2026 (Phase-1) in New Delhi on June 08, 2026. The award was received by his wife Smt Shambala Pravin Janjal, and mother Smt Shalu Prabhakar… pic.twitter.com/z57XvK31hS
— Ministry of Defence, Government of India (@SpokespersonMoD) June 8, 2026












