नई दिल्ली । स्वस्थ, संतुलित एवं तनावमुक्त जीवन के सूत्रों को समाहित करने वाली बहुचर्चित पुस्तक “निरोगता के सूत्र – गुरबाणी एवं श्रीमद्भगवद्गीता के आलोक में” का शुक्रवार को नई दिल्ली स्थित कॉन्स्टीट्यूशन क्लब में भव्य लोकार्पण किया गया।
इस अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के वरिष्ठ प्रचारक एवं राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य डॉ. इन्द्रेश कुमार ने मुख्य वक्ता के रूप में अपने विचार साझा किए।
यह पुस्तक संघ के कर्मठ स्वयंसेवक रहे डॉ. शाम लाल कठपालिया द्वारा रचित है। कार्यक्रम में वक्ताओं ने उनके जीवन, व्यक्तित्व एवं चिंतन को स्मरण करते हुए कहा कि उनका जीवन भारतीय संस्कृति, सेवा, स्वास्थ्य, अध्यात्म और मानवीय मूल्यों का जीवंत उदाहरण रहा है।
“स्वस्थ समाज के लिए स्वस्थ विचारों का होना अनिवार्य”
मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित डॉ. इन्द्रेश कुमार ने डॉ. शाम लाल कठपालिया के साथ बिताए अपने अनेक संस्मरण साझा किए और पुस्तक की विषयवस्तु को वर्तमान समय के लिए अत्यंत प्रासंगिक बताया।
डॉ. इन्द्रेश कुमार ने कहा-
“किसी का अहित न करना ही सबसे बड़ी निरोगता है। अहित करने के लिए व्यक्ति को अपने भीतर ईर्ष्या, क्रोध और नकारात्मक भावों को स्थान देना पड़ता है, जो अंततः तन और मन दोनों को अस्वस्थ बनाते हैं। स्वस्थ समाज के निर्माण के लिए स्वस्थ विचारों का होना नितांत अनिवार्य है।”
‘स्व’ की पहचान ही वास्तविक स्वास्थ्य: आलोक कुमार
कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित ‘दधीचि देह दान समिति’ के संस्थापक एवं वरिष्ठ अधिवक्ता आलोक कुमार ने पुस्तक को भारतीय जीवन-दर्शन और स्वास्थ्य चेतना का एक महत्वपूर्ण दस्तावेज बताया।
उन्होंने कहा कि “स्व” का वास्तविक अर्थ ईश्वर है और मनुष्य का लक्ष्य अपने भीतर स्थित उस दिव्यता को पहचानना होना चाहिए। जहाँ “स्व” है, वहीं वास्तविक स्वास्थ्य और निरोगता है।
आध्यात्मिक खजाने को विश्व तक पहुंचाने की आवश्यकता
आध्यात्मिक गुरु बाबा भूपिंदर सिंह पटियाला ने डॉ. शाम लाल कठपालिया के साथ अपने आत्मीय संबंधों को याद करते हुए कहा कि उनके पास ऐसा आध्यात्मिक और वैचारिक खजाना है, जिसे पूरे विश्व तक पहुँचाया जाना चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि जब तक मनुष्य अपने भीतर नहीं झाँकता, तब तक वास्तविक निरोगता प्राप्त नहीं कर सकता।
लेखक डॉ. शाम लाल कठपालिया की पुत्री गीता कठपालिया आहूजा ने कहा कि आज की भाग-दौड़ और तनावपूर्ण जीवन में यह पुस्तक लोगों को अपनी संस्कृति और जीवन मूल्यों के अनुरूप जीवन जीने की प्रेरणा देगी। कार्यक्रम की सफलता में गीता जी के समर्पण, समन्वय एवं अथक प्रयासों की अतिथियों ने मुक्तकंठ से सराहना की।
गीता पाठ और गणमान्य जनों की उपस्थिति
समारोह का सफल और सुव्यवस्थित संचालन समाजसेवी मंगेश बापट ने किया। उन्होंने अपनी सहज, सशक्त एवं संवादात्मक शैली से कार्यक्रम की विभिन्न कड़ियों को उत्कृष्ट रूप से जोड़ा। कार्यक्रम के समापन अवसर पर परिवार के बच्चों द्वारा श्रीमद्भगवद्गीता के 15वें अध्याय (पुरुषोत्तम योग) का संस्कृत में मधुर पाठ किया गया।
कार्यक्रम में इनकी रही प्रमुख उपस्थिति:
- हर्ष मल्होत्रा (केंद्रीय राज्य मंत्री एवं भाजपा दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष)
- बाबा भूपिंदर सिंह पटियाला (आध्यात्मिक गुरु)
- डॉ. वेद प्रकाश टंडन (शिक्षाविद एवं समाजसेवी)
- अंजू कालरा, श्वेता पोपली सहित डॉ. शाम लाल कठपालिया के परिजन एवं अन्य गणमान्य नागरिक।











